लखनऊ में किसानों को बड़ी सौगात, 460 करोड़ रुपये सीधे खातों में हस्तांतरित
Farmers in Lucknow get a Major Gift
लखनऊ। Farmers in Lucknow get a Major Gift: योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार मजबूती से किसानों के साथ खड़ी रहेगी। पहले आपदा आने पर वर्षों तक पीड़ितों को कोई पूछता तक नहीं था। क्षतिपूर्ति तक नहीं मिल पाती थी। वर्ष 2015-16 में एक बार किसी किसान के खाते में दो रुपये, किसी के खाते में चार रुपये आए थे।
हमारा प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी जैसी आपदा आते ही 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएफबीवाई) के क्षतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पीफबीवाई के तहत 2.51 लाख किसानों को खरीफ 2025 में हुए फसल नुकसान के लिए 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई।
मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही के उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, मऊरानीपुर झांसी में 50 शैया के छात्रावास और लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो का शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंच रहे हैं, बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत पहले केवल किसान कवर होता था, हमने उसके परिवार के सदस्य, बटाईदार, सह किसान को भी योजना से जोड़ा है।
किसी मनुष्य की कमी की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन सरकार संबल देने के लिए खड़ी हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जिलों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों को आपदा मित्र बनाया गया है, इनमें से 2959 प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। सरकार ने इनका तीन वर्ष का जीवन व चिकित्सा बीमा कराया है, जिसमें पांच लाख का बीमा कवर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 हजार होमगार्ड्स की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उप्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र कुमार, प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू. आदि मौजूद रहे।
पांच जिलों में लगेंगे डाप्लर वेदर राडार
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डाप्लर वेदर राडार की स्थापना की जाएगी। ये मौसम के पूर्वानुमान के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। वहीं प्रदेश में 450 आटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लाक स्तर पर 2000 आटोमेटिक रेन गेज स्थापित हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में 18 से 70 वर्ष के खातेदार किसान के साथ बटाईदार, खेतिहर मजदूर और भूमिहीन किसान भी पांच लाख का बीमा करा सकते हैं। दुर्घटना में मृत्यु या संपूर्ण अक्षमता, दोनों हाथ या दोनों पैर या दोनों आंखों की क्षति होने, एक हाथ व एक पैर की क्षति होने पर 100 प्रतिशत राशि, एक पैर या एक हाथ या एक आंख की क्षति और स्थायी दिव्यांगता 50 प्रतिशत से अधिक व 100 प्रतिशत से कम होने पर बीमा कवर की 50 फीसद राशि दी जाती है। वहीं 50 प्रतिशत से कम व 25 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता पर 25 प्रतिशत राशि का भुगतान होता है।
मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिले चेक
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुछ लाभार्थियों को स्वयं चेक प्रदान किए। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभार्थी हरदोई के गोकर्ण को 2.11 लाख रुपये, हमीरपुर के मोहन लाल को 1.72 लाख, एटा की विनीता देवी को 1.17 लाख, जालौन के शिवम राजावत को 1.03 लाख व कन्नौज की सुशीला सिंह को 88 हजार रुपये, कृषक दुर्घटना कल्याण बीमा योजना की लाभार्थी रायबरेली की प्रीति, सीतापुर की रागिनी वर्मा, उन्नाव की शगुना, लखनऊ की इंदरानी व ऊषा को पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
कृषि यंत्रीकरण के तहत एग्रीग्रेटर में रायबरेली के कुलदीप मौर्य को 32 लाख, सीएचसी (कस्टम हायरिंग सेंटर) में लखनऊ के दीपचंद्र को 22.33 लाख, लखनऊ के मटरू प्रसाद को चार लाख, एफएमबी (फार्म मशीनरी बैंक) के लिए रायबरेली के कृपाशंकर शुक्ल व सीतापुर के अखिलेश तिवारी को आठ-आठ लाख रुपये का अनुदान दिया।
वहीं युवा आपदा मित्र कौशलेंद्र कुमार सिंह (लखनऊ), महक श्रीवास्तव (लखीमपुर खीरी), हज्र फातिमा (लखीमपुर खीरी)दिय, सुखमन कौर (लखीमपुर खीरी) व शोभित कुमार चौहान (लखीमपुर खीरी) को जीवन बीमा पालिसी प्रदान की गई।