Fake Food and Daily Use Products Racket Busted

दिल्ली में नकली खाद्य और रोजमर्रा के सामान का बड़ा रैकेट बेनकाब, क्राइम ब्रांच की छापेमारी में खुलासा

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Fake Food and Daily Use Products Racket Busted

देश की राजधानी Delhi में नकली खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग के सामानों का काला कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। हाल ही में Delhi Police Crime Branch और खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं जो आम लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

जांच में सामने आया कि जालसाज नामी ब्रांडों के नाम पर नकली ईनो, टूथपेस्ट और एक्सपायर हो चुके बिस्कुट व कोल्ड ड्रिंक को दोबारा पैक कर बाजार में बेच रहे थे।

नकली टूथपेस्ट फैक्ट्री का भंडाफोड़

क्राइम ब्रांच ने बाहरी दिल्ली में चल रही एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, जहां नकली Sensodyne Toothpaste तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से लाखों रुपये का नकली टूथपेस्ट, खाली ट्यूब, पैकिंग मशीनें और कच्चा माल बरामद किया है।

अधिकारियों के मुताबिक आरोपी पिछले करीब सात महीनों से यह अवैध कारोबार चला रहा था। नकली पेस्ट की पैकेजिंग इतनी सटीक थी कि पहली नजर में असली और नकली में फर्क करना बेहद मुश्किल था। केवल लैब जांच में ही इसमें इस्तेमाल हुए घटिया और हानिकारक केमिकल्स का पता चला।

सेहत के लिए बड़ा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार नकली उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले घटिया केमिकल्स मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इनके इस्तेमाल से पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां, संक्रमण, त्वचा और मसूड़ों में एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे उत्पादों का उपयोग करने से अन्य स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

कैसे होती है जांच

Food Safety and Standards Authority of India के नियमों के तहत दिल्ली सरकार का खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर बाजार से खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर जांच करता है। इन नमूनों को सरकारी प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है।

यदि जांच में मिलावट, एक्सपायरी डेट बदलने या अन्य नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है, जिसमें जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान भी है।

नकली सामान से बचने के लिए रखें ध्यान

  • पैकेजिंग की जांच करें: असली उत्पाद की प्रिंटिंग साफ और स्पष्ट होती है, जबकि नकली में अक्षर धुंधले या स्पेलिंग गलत हो सकती है।
  • लोगो चेक करें: नकली उत्पादों में ब्रांड का लोगो अक्सर थोड़ा बदला हुआ या गलत रंग का होता है।
  • एक्सपायरी डेट देखें: अगर डेट में छेड़छाड़ या ओवरप्रिंटिंग दिखे तो उत्पाद न खरीदें।
  • FSSAI नंबर जांचें: हर खाद्य पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर होना जरूरी है।
  • कीमत पर ध्यान दें: यदि ब्रांडेड सामान बाजार से बहुत सस्ता मिल रहा है तो उसके नकली होने की आशंका हो सकती है।
  • QR कोड स्कैन करें: कई कंपनियां अब उत्पाद की असलियत जांचने के लिए QR कोड भी देती हैं।

अधिकारियों का कहना है कि नकली उत्पादों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।