कोटा में सनसनी: 1300 साल पुराने चंद्रेसल मठ के महंत की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या, भड़के संतों ने कहा- 'जब तक एनकाउंटर नहीं, तब तक नहीं उठाएंगे शव'
enraged seers declare they will not move the body until an encounter takes place.
Shock in Kota: राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में एक सनसनीखेज हत्याकांड से बवाल मच गया है. बोरखेड़ा थाना इलाके में स्थित 1300 साल पुराने चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की शुक्रवार देर रात चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है. वारदात के वक्त महंत अपने कमरे में सो रहे थे. इस खौफनाक घटना के बाद कोटा के संत समाज और हिंदू संगठनों का खून खौल उठा है. एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर संतों ने डेरा डाल दिया है और चेतावनी दी है कि जब तक कातिलों का एनकाउंटर नहीं होता, वे महंत का पार्थिव शरीर नहीं उठाएंगे. इस हत्याकांड ने सूबे की सियासत का पारा भी चढ़ा दिया है.
आइए आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि आखिर इस मर्डर मिस्ट्री के तार कहां से जुड़े हैं और मौके पर फिलहाल क्या हालात हैं.
मूल रूप से सवाई माधोपुर के रहने वाले महंत देवानंद महाराज पिछले 4 साल से चंद्रेसल मठ में अपनी सेवाएं दे रहे थे. देर रात करीब 11:30 बजे अज्ञात हमलावर मठ में घुसे और धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. शोर सुनकर जब सेवादार और ग्रामीण दौड़े, तो महंत लहूलुहान पड़े थे. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें टूट चुकी थीं.
नशे का विरोध करने की मिली सजा?
इस हत्याकांड के पीछे एक बड़ी वजह 'नशेबाजी का विरोध' करना माना जा रहा है. मठ से जुड़े अर्जुनपुरा के रहने वाले ग्रामीण रोहित ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. रोहित के मुताबिक, मठ परिसर में कुछ लोग गांजा और चिलम पीते थे, जिसका महाराज अक्सर विरोध करते थे. दो दिन पहले ही महाराज सवाई माधोपुर से लौटे थे, तब भी उन्होंने नशा कर रहे लोगों को फटकार लगाई थी और उनका वीडियो भी अपने मोबाइल में बना लिया था. अंदेशा जताया जा रहा है कि इन्हीं नशेड़ियों ने रंजिश में आकर इस वारदात को अंजाम दिया है.

कोटा के अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बैठकर रोते हुए मृतक महंत के परिजन.
'जैसे को तैसा वाला दंड मिलना चाहिए'
महंत की हत्या की खबर जंगल की आग की तरह फैली और सुबह होते-होते एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर भारी भीड़ जुट गई. महंत के सवाई माधोपुर से परिजन भी कोटा पहुंच चुके हैं. मौके पर मौजूद महामंडलेश्वर मोजी बाबा साध्वी हेमा सरस्वती का गुस्सा सातवें आसमान पर है. उन्होंने NDTV से बातचीत में कहा, 'हम यहां से पार्थिव शरीर तभी उठाएंगे जब आरोपी सामने होंगे. उन्होंने जैसी घटना को अंजाम दिया है, उनके साथ भी वैसा ही होना चाहिए. संत समाज जैसे को तैसा वाले इंसाफ की मांग करता है.' उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सीसीटीवी में चेहरे आ गए हैं और कुछ लोग डिटेन भी हुए हैं, तो फिर देरी किस बात की?

कोटा के एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे साधु-संत और हिंदू समाज के लोग.
'हाथों-हाथ एनकाउंटर होना चाहिए'
अखिल भारतीय संत समिति हाड़ौती मंडल के महामंत्री नागा रामदास ने भी पुलिस-प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने मठ का 1300 साल पुराना इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि यह वो जगह है जहां जिंदा नागा महात्माओं ने समाधि ली है और धर्म की रक्षा के लिए 20 युद्ध जीते हैं. उन्होंने कहा, 'एक सन्यासी का मर्डर हुआ है, जिसने भी यह किया है उसका हाथों-हाथ एनकाउंटर होना चाहिए. जब तक एनकाउंटर नहीं होगा, हम बॉडी लेकर नहीं जाएंगे और ना ही मृतक संत को समाधि देंगे.'
ईंट से ईंट बजा देने की दी चेतावनी
वहीं, गो रक्षक हिम्मत सिंह हाड़ा ने भी प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर एक-दो घंटे के भीतर आरोपियों का एनकाउंटर नहीं हुआ, तो हिंदू समाज कमजोर नहीं है, हम राजस्थान की ईंट से ईंट बजा देंगे और एक बड़ा जनांदोलन खड़ा करेंगे.
कांग्रेस का बीजेपी पर कसा तंज
संतों के इस धरने में राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचने लगे हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम और वरिष्ठ नेता प्रह्लाद गुंजल भी मोर्चरी पहुंचे. राखी गौतम ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'डबल इंजन की सरकार में जब पूजनीय संत ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी खुद को कैसे महफूज समझेगा? जब तक कातिलों को सजा नहीं मिलती, इंसाफ अधूरा है.' वहीं प्रह्लाद गुंजल ने कहा कि मंदिर-मठ जैसी पवित्र जगह पर हत्या होना बेहद शर्मनाक है और कांग्रेस इस लड़ाई में संत समाज के हर फैसले के साथ खड़ी है.
एक्शन में पुलिस, दूसरे महंत को हिरासत में लेकर पूछताछ
हालात की गंभीरता को देखते हुए मोर्चरी से लेकर चंद्रेसल मठ तक भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. रात को ही सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम और एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा ने अस्पताल और घटनास्थल का जायजा लिया. मौके पर डॉग स्क्वायड और FSL की टीमों ने अहम सबूत जुटाए हैं.

अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.
एडिशनल एसपी ने बताया कि विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है और चोरी, रंजिश व संपत्ति विवाद समेत हर एंगल से जांच की जा रही है. इस मामले में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग भी लगे हैं. शक के दायरे में आए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस मठ में ही रहने वाले दूसरे महंत 'नंदनवन' को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
इधर, चंद्रसेल मठ ट्रस्ट के सदस्य और बीजेपी के पूर्व देहात अध्यक्ष मुकुट नगर ने भी घटना की निंदा करते हुए जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. संत समाज और ट्रस्ट चाहता है कि महाराज की समाधि भी चंद्रेसल मठ परिसर में ही बनाई जाए. फिलहाल, कोटा पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि एक तरफ हत्यारों की तलाश है, तो दूसरी तरफ उग्र होते संत समाज को शांत करना.