अग्नि मापक दल का पात्रता ज़रूरी है : डीजीपी (आंध्राप्रदेश)
Eligibility for the Fire Assessment Team is Mandatory
(अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
मंगलगिरि : : (आंध्रा प्रदेश) 14अप्रैल - राज्य के हरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि डिज़ास्टर मैनेजमेंट में फायर डिपार्टमेंट का रोल बहुत ज़रूरी है। उन्होंने याद दिलाया कि फायर डिपार्टमेंट किसी भी डिज़ास्टर जैसे साइक्लोन, बाढ़, बिल्डिंग गिरने, इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट में राहत के कामों में सबसे पहले रिस्पॉन्स देता है। उन्होंने कहा कि फायर डिपार्टमेंट, पुलिस, डिज़ास्टर मैनेजमेंट और हेल्थ डिपार्टमेंट को एक सिंगल सिस्टम के तौर पर मिलकर काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि भविष्य में फायर सेफ्टी में टेक्नोलॉजी का अहम रोल होगा।
राज्य में फायर डिपार्टमेंट वीक सेलिब्रेशन ज़ोरों पर शुरू हो गया है। राज्य के DGP हरीश कुमार गुप्ता ने विजयवाड़ा के गवर्नर पेटा में आंध्र प्रदेश फायर सर्विसेज़ हेडक्वार्टर में हुए इनॉगरेशन प्रोग्राम में चीफ गेस्ट के तौर पर हिस्सा लिया। प्रोग्राम में फायर डिपार्टमेंट के DG वेंकटरमण और दूसरे सीनियर अधिकारी मौजूद थे। प्रोग्राम की शुरुआत में, ड्यूटी के दौरान अपनी जान कुर्बान करने वाले फायर सर्विस के शहीदों को बड़ी श्रद्धांजलि दी गई। बाद में, DGP ने झंडा फहराया और फायर डिपार्टमेंट की मॉडर्न इक्विपमेंट से लगाई गई एक खास एग्जीबिशन देखी।
इस मौके पर बोलते हुए, DGP हरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि यह सिर्फ याद करने का दिन नहीं है, बल्कि देश को फायर डिपार्टमेंट की दी गई सर्विसेज़ को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि हम उन बहादुर फायरमैन को बड़ी श्रद्धांजलि दे रहे हैं जिन्होंने ड्यूटी करते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने कहा कि 1944 में बॉम्बे पोर्ट धमाके के बाद फायर सर्विस डे मनाने की अहमियत और साफ हो गई। उन्होंने कहा कि उनकी कुर्बानी सिर्फ एक घटना नहीं है जो इतिहास में दर्ज हो गई है, बल्कि जब कोई एक्सीडेंट होता है, तो लोग आमतौर पर बाहर भागते हैं, लेकिन फायरफाइटर्स अंदर जाते हैं और जानें बचाने का बीड़ा उठाते हैं।
फायर सेफ्टी DG वेंकट रमना:
पूरे राज्य में फायर सेफ्टी के बारे में अवेयरनेस फैलाने के लिए, फायर सेफ्टी DG वेंकट रमना ने कहा कि “सेफ स्कूल - सेफ हॉस्पिटल - फायर सेफ्टी सोसाइटी टुगेदर फॉर फायर प्रिवेंशन” स्लोगन के साथ पूरे राज्य में बड़े प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मार्च 2025-26 तक राज्य में 13 हज़ार फायर कॉल्स पर कार्रवाई की गई है और सर्विस दी गई हैं। उन्होंने कहा कि इस साल जनवरी से अब तक 1330 और स्कूलों में लोगों और स्टूडेंट्स में फायर सेफ्टी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मॉक ड्रिल की जा चुकी हैं। DG वेंकट रमना ने कहा कि चीफ मिनिस्टर चंद्रबाबू के ऑर्डर एनडीआरफ व एसडीआरएफ ऑर्गनाइज़ेशन के साथ मिलकर जल्द ही पूरे राज्य में और मॉक ड्रिल ऑर्गनाइज़ की जाएंगी।