सिंचाई के लिए न हो पेयजल का उपयोग: मनोहर लाल
सिंचाई के लिए न हो पेयजल का उपयोग: मनोहर लाल

सिंचाई के लिए न हो पेयजल का उपयोग: मनोहर लाल

सिंचाई के लिए न हो पेयजल का उपयोग: मनोहर लाल

सीएम ने छह विभागों की 48 परियोजनाओं पर ली रिपोर्ट

चंडीगढ़, 6 जून। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं  कि पेयजल आपूर्ति प्रणालियों के अवैध दोहन पर भी कड़ी नजर रखी जाए ताकि पेयजल का उपयोग सिंचाई के लिए न हो। उन्होंने कहा कि सरकार हर नागरिक को शुद्ध पेयजल देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में पेयजल की मात्रा बढाने के लिए  अधिक से अधिक रेनवैल का जीर्णोद्धार किया जाये तथा रेन वाटर हारवस्टिंग की और नई संभावनाएं तलाशी जाएं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल सोमवार को 100 करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने छह विभागों के 48 प्रोजेक्ट्स जिनकी लागत 100 करोड़ से अधिक है उनकी विस्तार से समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रशासनिक सचिवों को परियोजनाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन इन जनकल्याणकारी परियोजनाओं से लाभान्वित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल भूजल मिशन योजना में प्रदेश अग्रणी राज्यों में से एक है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का समग्र विकास सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी चालू परियोजनाओं के लिए परियोजना मूल्यांकन और समीक्षा तकनीक (पीईआरटी) चार्ट बनाया जाए ताकि समयावधि, पूर्ण प्रतिशत और अपेक्षित उद् घाटन तिथि की स्थिति स्पष्ट हो सके।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव संजीव कौशल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में 12 विभागों की 80 से अधिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें से आज की समीक्षा बैठक में छह प्रमुख विभागों की 48 परियोजनाएं समीक्षा हेतु रखी गई हैं।
सिंचाई विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही 16 परियोजनाओं के बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेन्द्र  सिंह ने बताया कि दादूपुर से हमीदा तक नए समानांतर लाइन चैनल (पीएलसी) का निर्माण और डब्ल्यूजेसी एमएलएल फॉर्म आरडी 0 से 68220 की रीमॉडेलिंग का कार्य समय पर चल रहा है। 

पंचकूला में 133 करोड़ से निफ्ट तैयार,सोनीपत में आईआईआईटी का निर्माण जारी
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि तकनीकी विभाग की वर्तमान में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली दो बड़ी परियोजनाएं हैं। पंचकूला में लगभग 133 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) की स्थापना का कार्य लगभग पुरा हो चुका है और इसका उद् घाटन  जुलाई माह में किया जा सकता है। इसके अलावा, लगभग 128 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड पर सोनीपत के गांव किलोड़हद में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) की स्थापना का कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है।