उत्तर प्रदेश में डिजिटल और रोबोटिक्स हब का विकास: 30,000 करोड़ निवेश का लक्ष्य
Development of Digital and Robotics Hub in Uttar Pradesh
-
आठ डेटा सेंटर पार्क, 900 मेगावाट क्षमता का विकास लक्ष्य।
-
लखनऊ, गौतमबुद्धनगर में 'यू-हब' स्थापित होंगे, नवाचार को बढ़ावा।
-
25 लाख युवाओं को एआई, एआर, वीआर में प्रशिक्षण मिलेगा।
लखनऊ। प्रदेश में आठ डाटा सेंटर पार्क और 900 मेगावाट क्षमता विकसित किया जाएगा। इसमें 30,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है। अब तक आठ परियोजनाओं को लेटर आफ कंफर्ट जारी, जिनसे 21,342 करोड़ निवेश और 644 मेगावाट क्षमता सुनिश्चित हुई है।
आगे पांच गीगावाट क्षमता के चार-पांच क्लस्टर विकसित होंगे। जहां क्लस्टर बनेंगे, वहां डिजिटल टाउनशिप और नवाचार इकोसिस्टम विकसित होगा। ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना में 25 लाख युवाओं को एआइ, आगमेंटेड रिएलिटी (एआर), वर्चुअल रिएलिटी (वीआर) एवं एक्सटेंडेड रिएलिटी (ईआर) में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। नई और उभरती टेक्नोलाजी मिशन और रोबोटिक्स मिशन के लिए भी 100-100 करोड़ रुपये का प्रविधान है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रोबोटिक्स का मजबूत इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। इस क्षेत्र में एडवर्ब जैसी अग्रणी कंपनियां कार्यरत हैं।
उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ‘उत्तर प्रदेश रोबोटिक्स मिशन’ लांच कर रही है। इसके लिए बजट 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है, जिससे अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और इंडस्ट्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में यू-हब बनेगा
लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में ‘यू-हब’ की स्थापना की जाएगी। प्लग एंड प्ले माडल पर आधारित यह हब इन्क्यूबेशन, एक्सेलेरेशन, अनुसंधान, विकास और सहयोग कार्यक्रमों का संचालन करेगा।
तेलंगाना, ओडिशा, केरल और कर्नाटक की तर्ज पर इसे विश्वस्तरीय नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है। यह स्टार्टअप संस्कृति और टेक-आधारित उद्योगों को आगे बढ़ाएगी। इससे रोजगार भी मिलेगा।