जमशेदपुर में ठगों का 'डबल अटैक': पुलिस और साधु बनकर 6 लाख के जेवर पार
Conmen's 'Double Attack' in Jamshedpur
जमशेदपुर। लौहनगरी में इन दिनों शातिर ठगों ने आतंक मचा रखा है। पुलिस की गश्ती और सुरक्षा दावों को धता बताते हुए अपराधियों ने जुगसलाई और साकची थाना क्षेत्र में ठगी की दो सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया है।
पहली घटना: बुजुर्ग को 'सुरक्षा' का झांसा देकर लूटा
ठगों ने कहीं पुलिसवाला बनकर तो कहीं साधु का वेश धरकर दो लोगों से करीब छह लाख रुपये के जेवर पार कर दिए। जुगसलाई के वीर कुंवर सिंह चौक निवासी 70 वर्षीय अनिल नेव के साथ तीन मई की रात यह वारदात हुई।
जब वे अपनी दुकान के बाहर खड़े थे, तभी बाइक सवार दो युवक पहुंचे। खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उन्होंने शहर में बढ़ती छिनतई की घटनाओं का डर दिखाया।
ठगों ने सुरक्षा के नाम पर अनिल की सोने की चेन और अंगूठी उतरवा ली और उसे कागज में लपेटने का नाटक किया। चालाकी से असली गहने पार कर अपराधियों ने उन्हें कागज की पुड़िया थमा दी और गम्हरिया की ओर फरार हो गए।
दूसरी वारदात: साकची बाजार में 'साधु' का मायाजाल
दूसरी घटना साकची बाजार में मंगलवार दोपहर को हुई। केबुल टाउन की रहने वाली मंजू देवी खरीदारी कर रही थीं, तभी एक व्यक्ति साधु के वेश में उनके पास पहुंचा। उसने दावा किया कि उनके बेटे पर बड़ा संकट है।
इसी बीच एक और व्यक्ति वहां पहुंचा जिसने खुद को पुलिसकर्मी बताया और साधु का विश्वास दिलाया। ठगों ने मंत्र फूंकने के बहाने महिला की चेन और कान के टॉप्स उतरवा लिए और उन्हें 18 कदम आंखें बंद कर चलने को कहा। जब तक मंजू वापस लौटीं, ठग गायब हो चुके थे।
ईरानी गैंग की आशंका, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन वारदातों के पीछे 'ईरानी गैंग' या किसी अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ होने की आशंका है। ये अपराधी अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाते हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सड़क पर कोई भी अनजान व्यक्ति अगर खुद को पुलिस बताकर जेवर उतारने की सलाह दे, तो उसे न मानें। किसी भी संदिग्ध 'साधु' या तांत्रिक के बहकावे में न आएं।
ऐसी किसी भी कोशिश की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को दें। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन अपराधी अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।