गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6.0 का समापन: सेवा और समर्पण का संदेश

गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6.0 का समापन: सेवा और समर्पण का संदेश

Conclusion of the Guru Gorakhnath

Conclusion of the Guru Gorakhnath

डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा, घंटों नाव तक बैठकर दूर तक इलाज करने जाते हैं डाक्टर

 

महाना ने कहा, समाज का दिया हुआ समाज को वापस करें चिकित्सक

लखनऊ। Conclusion of the Guru Gorakhnath, गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और नेशनल मेडिकोज आर्गनाइजेशन के तत्वाधान में हुई गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6.0 के समापन पर मंगलवार को कार्यकर्ता सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रभक्ति सिर्फ नारों से नहीं बल्कि अपने कर्तव्यों को निष्ठापूवर्क निभाने से तय होती है।

चिकित्सकों से आह्वान किया कि वो ओपीडी को सीमित न करें, क्योंकि फील्ड में जाने पर पता चलेगा कि बीमारी स्थान विशेष की जियोग्राफी और क्लाइमेट से तय होती है। आज गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा और एनएमओ के प्रति इन सात जिलों में जागरूकता बढ़ी है। चिकित्सकों से माह के एक रविवार को सेवा कार्य के लिए समय निकालने की अपील की। स्वास्थ्य यात्रा अपने सीमित संसाधनों में 23 हजार मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण से शुरु होकर आज 2 लाख 66 हजार लोगों तक पहुंच गई है।

मुख्य अतिथि योगी ने कहा कि भारत-नेपाल की मैत्री को प्रगाढ़ करने और छह वर्षों से सुदूर क्षेत्रों में जाकर समाज को जोड़ने का काम करने वाले सभी संगठनों व स्वयंसेवी संगठन के सदस्यों का अभिनन्दन है। यह स्वास्थ्य यात्रा उत्तराखंड के चारधाम यात्रा में सहयोग करती है। हमें अभी हरिद्वार में बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री एवं केदारनाथ की कठिन धार्मिक यात्रा में स्वास्थ्य सेवा देने वालों को सम्मानित करने का अवसर मिला है।

सीएम ने थारू जनजाति के लिए मकान, बिजली एवं सोलर पावर पैनल, स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड देने की कहानी बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दूसरे देशों से आये परिवारों को भी सुविधा देंगे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डा. कृष्णगोपाल ने कहा कि 1999 में काशी के मेडिकल संस्थान की टीम ने वनवासी क्षेत्र में धनवंतरि यात्रा में जाना शुरु किया। 2004 से असम में यही यात्रा शुरु हुई।

म्यांमार, तिब्बत, बांग्लादेश की सीमा तक सेवाभावी चिकित्सक सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। डाक्टर पूर्वोत्तर में कई घंटे नावों में बैठकर दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचते हैं। दिल्ली की कई बस्तियों में सौ प्रतिशत महिलाएं एनीमिक हैं। विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि हमने एक डाक्टर मित्र से कहा कि समाज ने जो तुम्हें दिया वह समाज को वापस भी करो।

आपको प्रैक्टिकल के लिये जो शव मिला होगा वह आपको बिना किसी मूल्य के मिला होगा। वह आप पर एक ऋण है जिसे वापस करना चाहिये। संचालन डॉ. भूपेन्द्र सिंह ने किया। स्वास्थ्य यात्रा का वृत्त कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलवी भट्ट जी ने प्रस्तुत किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल , राष्ट्रधर्म के निदेशक मनोज कान्त, वरिष्ठ प्रचारक वीरेन्द्र सिंह, प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह जी, मंत्री दयाशंकर सिंह, आरएमएल के निदेशक सीएम सिंह, सीएमएस विक्रम सिंह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, प्रांत सम्पर्क प्रमुख गंगा सिंह समेत कई अन्य शामिल हुए।