उज्जैन कथा में सात दिन बरसा रंग, ज्ञान की गंगा में डूबे रहे पलवल व फरीदाबाद के 200 श्रद्धालु
Colors Rained down for Seven days at the Ujjain Discourse
कथावाचक श्री महेश माधव शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता को बताया बेमिसाल
कथा व्यास श्री महेश माधव शास्त्री जी के सानिध्य में श्रद्धालु आज करेंगे श्री सांवरिया सेठ मंदिर के दर्शन
उज्जैन/पलवल। दयाराम वशिष्ठ: उज्जैन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथा वाचक श्री महेश माधव शास्त्री जी ने सुदामा चरित्र का सुंदर वर्णन किया।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को बेमिसाल बताया। श्री शास्त्री ने कहा कि यह मित्रता हमें सिखाती है कि दोस्ती में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। 9 मार्च से 15 मार्च तक उज्जैन के नृसिंह घाट स्थित गुजराती रामी माली धर्मशाला में चली इस कथा में जमकर रंग बरसा। पलवल व फरीदाबाद से पहुंचे 200 श्रद्धालु इस ज्ञान रूपी गंगा में डूबे रहे।

व्यास श्री महेश माधव शास्त्री जी ने कथा के दौरान श्रोताओं को ज्ञान की गंगा में डुबोए रखा। उन्होंने कृष्ण की बाल लीला, पूतना वध, माखन चोरी, दामोदर लीला, कालिया नाग दमन, गोवर्धन पूजा की कथा का सुंदर वर्णन किया। कथा के दौरान श्रोतागण भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं से आनंद विभोर भाव विभोर रहा।

कथा के अंत में आयोजक समिति के पदाधिकारियों ने समाजसेवी महिपाल, प्रॉपर्टी डीलर छतर पाल वशिष्ठ, रामचंद थानेदार, मूलचंद, पदम थानेदार, मीरापुर सरपंच जसबीर, परसराम, बघौला से लीलू सरपंच, बिशनदत्त व मुकेश वशिष्ठ समेत पदाधिकारियों ने कथा व्यास का स्वागत कर आर्शीवाद लिया। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। आयोजक समिति के सदस्य छत्तरपाल वशिष्ठ ने बताया कि सोमवार को सभी श्रद्धालु चित्तौडगढ में श्री सांवरिया सेठ मंदिर के दर्शन करेंगे। इसके बाद वहां फलहारी बाबा के आश्रम पर पहुंचकर बाबा का आर्शीवाद लेंगे। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को उज्जैन में ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर समेत अन्य मंदिरों के कराए गए।