मुख्यमंत्री पंजाब के छात्रों और शिक्षकों के गौरव का अनादर करना बंद करें: सरदार सुखबीर सिंह बादल
 मुख्यमंत्री पंजाब के छात्रों और शिक्षकों के गौरव का अनादर करना बंद करें: सरदार सुखबीर सिंह बादल

मुख्यमंत्री पंजाब के छात्रों और शिक्षकों के गौरव का अनादर करना बंद करें: सरदार सुखबीर सिंह बादल

मुख्यमंत्री पंजाब के छात्रों और शिक्षकों के गौरव का अनादर करना बंद करें: सरदार सुखबीर सिंह बादल

दिल्ली मॉडल को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान, लेकिन हमारे अपने छात्रों की उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ने एक भी शब्द नही कहा

आप पार्टी तथा कांग्रेस ने पंजाब के आत्मविश्वास को समाप्त करने के लिए कड़े अभियान चलाए, लेकिन छात्रों ने शानदार सफलता से अब उनके चेहरे पर जोरदार तमाचा जड़ दिया

चंडीगढ़/28मई: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान से  ‘‘ हमारे अपने शिक्षकों और छात्रों की उपलब्धि का जश्न मनाने  तथा देश भर में मीडिया प्रचार पर अरविंद केजरीवाल और उनकी दिल्ली सरकार की गैर-मौजूदा उपलब्धियों की प्रंशसा करने के विज्ञापन अभियान पर पंजाबी करदाताओं की कमाई के सैकंड़ों करोड़ रूपये  बर्बाद करना बंद करने की अपील की है।

सरदार बादल ने कहा , ‘‘ मैं इस बात से हैरान हूं कि जहां भगवंत मान केजरीवाल और उनके ‘‘ नकली दिल्ली मॉडल’’ को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रव्यापी विज्ञापन जारी करने के लिए  संसाधन में कमी वाले पंजाब के पैसे को बर्बाद कर रहे हैं, तथा दिल्ली की तुलना में अपने राज्य की उपलब्धियों को स्वीकार करने से भी इंकार कर रहे हैं’’।

सरदार बादल ने कहा कि ‘‘ मान हमारे बच्चों, नौजवानों , छात्रों और शिक्षकों सहित पंजाबियों की गौरवशाली उपलब्धियों की प्रंशसा करने के बजाय दिल्ली मॉडल की प्रशंसा गाने में व्यस्त हैं। हमारे अपने सक्षम शिक्षकों का प्रचार करने के लिए इतने लंबे भाषण देने वाले मुख्यमंत्री को दुनिया को यह बताने में शर्म आती है कि पंजाब के शिक्षक और छात्र दिल्ली के अपने समकक्षों सहित दूसरों से पहले ही बहुत आगे हैं। हमारे छात्रों और शिक्षकों ने अब ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे आप पार्टी और कांग्रेस ने हमेशा छिपाने की कोशिश की है कि पंजाबी हर क्षेत्र में सबसे अच्छे हैं। पंजाब ने साबित कर दिया है कि वह देश में सर्वक्षेष्ठ हैं’’।

पंजाब सरकार द्वारा अपने छात्रों और शिक्षकों की उपलब्धि का जश्न मनाने से इंकार करने पर टिप्पणी करते हुए सरदार बादल ने कहा, ‘‘ अरविंद केजरीवाल , भगवंत मान और आप पार्टी के अन्य नेताओं ने हमारे राज्य के बच्चों को उनकी उपलब्धियों को खारिज करके ‘‘ नकली दिल्ली मॉडल’’ की प्रशंसा करके अपमानित किया। आप पार्टी के झूठ का आज पर्दाफाश हो गया है, क्योंकि उनका तथाकथित दिल्ली मॉडल ,पंजाब मॉडल के तहत शिक्षकों और छात्रों द्वारा हासिल किए गए गौरव के करीब भी नही है’’।

सरदार बादल ने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री को दुनिया को यह बताने में शर्म क्यो आती है कि उनके राज्य के बच्चे सबसे अच्छे हैं। ‘‘ वह जानते हैं कि पंजाब मॉडल को भारत सरकार द्वारा अपनाया गया है। लेकिन वह इस उपलब्धि के मानने से इंकार करते हैं, क्योंकि इससे वह साबित हो जाएगा जिसे वह और केजरीवाल छिपाना चाहते हैं, कि हमारे छात्र और शिक्षक भगवंत मान के  सपनों के  ड्रीमलैंड ,दिल्ली मॉडल  से बहुत आगे हैं’’।

सरदार बादल ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्होने अपने ही राज्य के लोगों की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए एक भी विज्ञापन जारी करना क्यों जरूरी नही समझा। ‘‘ क्या  आप केजरीवाल  से इतने डरे हुए हैं कि आप सफलता प्राप्त करने वालों को बधाई भी नही देना चाहते , बस इस डर से कि इससे दिल्ली मॉडल पर आपके बॉस के खोखले दावों का पर्दाफाश हो जाएगा?’’ सरदार बादल ने मान को व्यक्तिगत रूप से शिक्षकों , छात्रों और उनके माता-पिता को उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए बुलाने का आग्रह किया।

सरदार बादल ने कहा, ‘‘ जो लोग पंजाब को एक पिछड़ा राज्य और उसकी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की तबाही के बारे में शोर मचाते रहे, उन्हे आज खुद पर शर्म आनी चाहिए’’। सरदार बादल ने कहा कि कांग्रेस और आप पार्टी ने पंजाबी नौजवानों के आत्मविश्वास को खत्म करने के लिए एक व्यवस्थित अभियान पर काम किया जबकि  ‘‘ मैने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी किसी भी क्षेत्र में  पंजाबियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा नही कर सकता, चाहे वह बुनियादी ढ़ांचा, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी , शिक्षा, खेल, हवाई और सड़कों के जाल बिछाना यां विरासत का संरक्षण हो। आज हमारे बच्चों और शिक्षकों ने इन राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को याद दिलाया है कि पंजाब वास्तव में कितना आगे है। शिरोमणी अकाली दल को उन पर गर्व है और मैं सभी शिक्षकों और छात्रों और उनके माता-पिता को राज्य के गौरव को बनाए रखने के लिए बधाई देता हूं’’।