पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर के समग्र विकास प्रस्ताव पर सीएचसीसी की 26वीं बैठक

26th Meeting of CHCC on the Comprehensive Development Proposal

26th Meeting of CHCC on the Comprehensive Development Proposal

यूनेस्को मानकों, हेरिटेज संरक्षण व पर्यावरणीय स्वीकृतियों पर जोर

चंडीगढ़, 20 जनवरी (साजन शर्मा): 26th Meeting of CHCC on the Comprehensive Development Proposal: चंडीगढ़ हेरिटेज कंज़र्वेशन कमेटी (सीएचसीसी) की 26वीं बैठक मंगलवार को यू.टी. चंडीगढ़ के मुख्य सचिव  एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर के समग्र विकास  से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान मुख्य वास्तुकार-सह-सदस्य संयोजक  राजीव कुमार मेहता ने समिति को समग्र विकास योजना की पृष्ठभूमि, अब तक किए गए प्रयासों तथा उन कानूनी निर्णयों की जानकारी दी, जिनके परिणामस्वरूप यह बैठक बुलाई गई।

समिति को अवगत कराया गया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के अनुपालन में एक परामर्शदाता नियुक्त किया गया है और अवधारणात्मक डिज़ाइन प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इस अवसर पर नोएडा स्थित परामर्शदाता संस्था एम/एस डिज़ाइन एसोसिएट्स ने प्रस्तुति देते हुए हेरिटेज-संवेदनशील योजना, आउटस्टैंडिंग यूनिवर्सल वैल्यू  की सुरक्षा, आईसीओएमओएस दिशानिर्देशों के पालन तथा खुले स्थानों और आधारभूत संरचना के समुचित समन्वय पर प्रकाश डाला।

चर्चा के दौरान समिति के सदस्यों ने कैपिटल कॉम्प्लेक्स की गरिमा और पवित्रता बनाए रखने, हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट (एच आईए) सुनिश्चित करने, पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने तथा यूनेस्को मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष  एच. राजेश प्रसाद ने सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों की सराहना करते हुए बताया कि प्रस्ताव को  हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में 20 जनवरी 2026 तक भारत सरकार के माध्यम से फाउंडेशन ले कॉर्बूज़िए, पेरिस को भेजा जाएगा।

बैठक में यह भी दोहराया गया कि परियोजना के क्रियान्वयन से पूर्व सभी वैधानिक अनुमतियां, हेरिटेज क्लीयरेंस और पर्यावरणीय स्वीकृतियां अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाएंगी।
बैठक में गृह सचिव-सह-संस्कृति सचिव  मंदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दिप्रव लाकड़ा, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, उपायुक्त-सह-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव, सांस्कृतिक कार्य निदेशक सौरभ अरोड़ा, मुख्य अभियंता सी.बी. ओझा, वरिष्ठ अधिवक्ता  एम.एल. सरिन, सेवानिवृत्त मुख्य वास्तुकार श्रीमती सुमित कौर, संरचनात्मक अभियंता डॉ. आई.सी. स्याल, वास्तुकार  दिलमीत ग्रेवाल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के  एम.के. जोशी एवं  एम.सी. शर्मा, चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के प्राचार्य तथा यू.टी. चंडीगढ़ के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।