बक्सर: डीएम साहिला का कड़ा रुख; पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प और खेती में जुड़ेगा AI

बक्सर: डीएम साहिला का कड़ा रुख; पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प और खेती में जुड़ेगा AI

Buxar: DM Sahila Takes a Firm Stance

Buxar: DM Sahila Takes a Firm Stance

Buxar: DM Sahila Takes a Firm Stance, जिला पदाधिकारी साहिला ने शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिले के प्रमुख स्थलों के सौंदर्यीकरण और कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर समीक्षा बैठक की।

बैठक में नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डीएम ने गोलंबर स्थित पार्क के विकास के लिए नगर परिषद बक्सर को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

पार्क में होगी कई तरह की सुविधाएं 

योजना के तहत पार्क में हाइमास्ट लाइट, आकर्षक रंगीन रोशनी, दीवार लेखन और पौधारोपण जैसे कार्य किए जाएंगे। मानसून को देखते हुए सभी नगर निकायों को सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस कार्य की निगरानी अनुमंडल पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता, बक्सर और डुमरांव द्वारा की जाएगी। नगर परिषद डुमरांव को काव नदी की तत्काल सफाई कराने का निर्देश दिया गया।

पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर डीएम ने नाराजगी भी जताई। साथ ही जिले के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया।

बाबा ब्रह्मेश्‍वर नाथ मंदिर की बेहतर सफाई 

नगर पंचायत ब्रह्मपुर को बाबा ब्रह्ममेश्वर नाथ मंदिर परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ श्रावणी मेले के दौरान जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए मंदिर समिति के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए भी शीघ्र कार्ययोजना बनाने को कहा गया। बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने पर चर्चा हुई।

स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने और उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी प्रमुख चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

कृषि क्षेत्र में एआई के उपयोग को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी को आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया गया। साथ ही नीति आयोग के फेलो को कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर 10 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि आधुनिक तकनीक के जरिए किसानों को अधिक लाभ मिल सके।