भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली लखनऊ यात्रा में दिखा सर्वसमाज को साधने का संदेश, स्वागत में नजर आए विभिन्न सामाजिक वर्ग
BJP President Nitin Naveen's first visit to Lucknow signaled
लखनऊ। BJP President Nitin Naveen's first visit to Lucknow , संदेशों की राजनीति की महारथी भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली यात्रा का रथ सर्वसमाज की डगर से निकाला। सफेद कुर्ता-पायजामा और गले में पीला पटका पहने नितिन नवीन शनिवार दोपहर पौने दो बजे जब प्रदेश कार्यालय पहुंचे तो वह जातीय समीकरणों का परिपथ पूरा कर चुके थे।
चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से लेकर प्रदेश कार्यालय तक पार्टी ने सभी प्रमुख जातियों के पदाधिकारियों को मंच लगाने का अवसर दिया। ओबीसी, एससी, सवर्ण के अलावा पंजाबी, अल्पसंख्यक एवं क्रिश्चियन समुदाय के लोगों को भी साधने की कसरत की गई। उनके इस प्रयास का महत्व ऐसे भी समझा जा सकता है कि नवीन ने अपने हैंडल से अल्पसंख्यक समाज के मंच की फोटो भी साझा की।
पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा ने पीडीए के अस्त्र से भाजपा को बड़ा झटका दिया। भाजपा ने नुकसान की भरपाई के लिए जातीय गणित को धार देते हुए मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर संगठन तक कई जातियों का समायोजन बढ़ा दिया। 25 जून को प्रदेश इकाई ने 64 पदाधिकारियों की सूची जारी की, जिसमें सबसे ज्यादा संख्या ओबीसी एवं वंचित समाज की रही। सर्वसमाज का गणित ठीक रखने के लिए भाजपा ने कोर वोटर कहलाने वाले सवर्णों को भी साधा।
चार जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लखनऊ पहुंचे तो यहां भी पार्टी ने स्वागत के 42 बिंदुओं में से 25 पर अलग-अलग जातियों के पदाधिकारियों की डयूटी लगाकर नया समीकरण रचा। महाराणा प्रताप चौक पर क्षत्रिय समाज ने नवीन का स्वागत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं सवर्ण समाज के हैं, जिनके साथ रथ पर कुर्मी समाज के पंकज चौधरी नजर आए।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान गौतम, कायस्थ, पाल , राजभर, पर्वतीय, लोधी, यादव, ब्राह्मण, मराठी, अल्पसंख्यक एवं क्रिश्चियन, पटेल, मौर्य व कुशवाहा समाज, वाल्मीकि, पासी, निषाद, सिंधी, साहू, सिख एवं पंजाबी समाज, वैश्य, बंगाली समाज, खत्री एवं पंजाबी, विश्वकर्मा क्षत्रिय, सोनकर, भोजपुरी समाज व लोकभवन गेट पर नौ पर ओबीसी मोर्चा का मंच लगा, जिसका राजनीतिक संदेश साफ है।
प्रदेश मुख्यालय से निकलने के बाद नितिन नवीन ने शर्मा चाय की दुकान पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क के जरिए जमीनी पकड़ बढ़ाने का संदेश दिया। हनुमान मंदिर पर पूजा अर्चना कर जहां धार्मिकता का भाव प्रस्तुत किया, वहीं रात में पद्मश्री डा. विद्या बिंदु सिंह से उनके आवास पर मिलकर बुद्धिजीवी वर्ग से संवाद बढ़ाने का संदेश दिया।