“खरगे के बयान पर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने”
BJP and Congress Face Off Over
रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दित्य साहू ने बुधवार को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वाला बताया। आदित्य साहू ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने मुस्लिम समुदाय को भड़काते हुए भाजपा और आरएसएस को विषैला सांप बताया है और नमाज पढ़ने वक्त भी अगर ये लोग सामने से गुजरे तो नमाज छोड़कर इन संगठनों के लोगों को मारने की बात कही है।
साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्ता के बिना मछली की तरह तड़प रही है। राजशाही सोच वाली यह पार्टी सत्ता को अपनी जागीर समझती है, लोकतंत्र के फैसले को कांग्रेस पार्टी कभी पचा नहीं पाती। सत्ता के लिए हिंसा, नफरत फैलाना कांग्रेस पार्टी के डीएनए में शामिल है।
उन्होंने कहा कि भगवा आतंकवाद की भाषा बोलने वाली कांग्रेस देश में आतंकवादियों का महिमामंडन करती है, हिन्दू देवी देवताओं का अपमान करती है, राम के अस्तित्व को नकार देती है, लेकिन कांग्रेस को शायद अहसास हो जाना चाहिए कि वह जितना हिंदू समाज को गाली देती गई, नफरत और हिंसा की भाषा बोलती है उतना जनता की नजरों से गिरती गई।
आदित्य साहू ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को मिटाने की बात करने वाली कांग्रेस अब खुद मिटने की कगार पर है।
वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने की साजिश कर रहे आदित्य साहू : राकेश
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा कांग्रेस पर सत्ता के लिए सांप्रदायिक हिंसा की भाषा बोलने का आरोप लगाने को पार्टी ने खारिज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश की वास्तविक समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने का एक सुनियोजित प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास देश को जोड़ने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और सभी धर्मों, जातियों और वर्गों को साथ लेकर चलने का रहा है। भाजपा द्वारा कांग्रेस के डीएनए पर सवाल उठाना न केवल राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है, बल्कि यह देश की सबसे पुरानी पार्टी के योगदान का अपमान भी है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह अपने शासनकाल में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और सामाजिक तनाव जैसे मुद्दों पर जवाब दे, बजाय इसके कि वह विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाए।