बंटी कुमार यादव हत्याकांड पर गरमाई बिहार की राजनीति, प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार से मिलकर उठाईं कई मांगें
Bihar politics heats up over the Bunty Kumar Yadav murder case
पटना। Bihar politics heats up over the Bunty Kumar Yadav murder case, बांकीपुर उपचुनाव के बीच बंटी कुमार यादव हत्याकांड अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से पार्टी प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने गुरुवार को न्यू करबिगहिया पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
प्रशांत किशोर ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि दोषियों को सजा दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग भी की।
'पुलिस के भरोसे धरना खत्म किया, लेकिन नहीं मिली मदद'
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि कुछ दिन पहले जब वह परिवार से मिले थे, तब परिजन धरने पर बैठे थे और पुलिस ने दो दिनों के भीतर बंटी यादव को खोज निकालने का आश्वासन दिया था।
उन्होंने कहा कि पुलिस के भरोसे परिवार ने अपना धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम समाप्त कर दिया, लेकिन बाद में परिजनों को थाने में सहयोग नहीं मिला।
परिवार के लोग घंटों थाने में बैठे रहे, बावजूद इसके पुलिस की ओर से कोई ठोस मदद नहीं की गई।
'चार दिन बाद मिली लाश, अब तीन मांगों पर कार्रवाई हो'
प्रशांत किशोर ने कहा कि अब बंटी यादव का शव मिलने के बाद परिवार न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि परिजनों की पहली मांग है कि मामले में नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों का कानून पर भरोसा बना रहे।
कोतवाली और जक्कनपुर थाना पुलिस पर उठाए सवाल
जन सुराज नेता ने मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोतवाली और जक्कनपुर थाना से जुड़े जिन पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उनका कहना था कि यदि समय रहते पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद घटना को रोका जा सकता था। पुलिस की जवाबदेही तय होना जरूरी है ताकि व्यवस्था में लोगों का विश्वास कायम रहे।
पीड़ित परिवार को मुआवजा और नौकरी देने की मांग
प्रशांत किशोर ने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य परिवार है और सरकार को मानवीय आधार पर परिवार के किसी योग्य सदस्य को नौकरी और मुआवजा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि प्रभावित परिवार के पुनर्वास की जिम्मेदारी भी सरकार की होती है।
सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाओं पर सख्त नियंत्रण और पुलिस तंत्र की जवाबदेही तय करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध के बाद पीड़ित या मृतक के चरित्र पर सवाल उठाना उचित नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं था, तो घटना के बाद ऐसे आरोप लगाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
'अपराधियों को सजा और पुलिस पर कार्रवाई जरूरी'
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस मामले में अपराधियों को कानून के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए और जिन पुलिस अधिकारियों ने लापरवाही बरती है, उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि न्याय तभी पूरा माना जाएगा जब दोषियों के साथ-साथ व्यवस्था की खामियों पर भी कार्रवाई होगी और पीड़ित परिवार को उचित सहायता मिलेगी।