Badshah fails to appear before Haryana

हरियाणा महिला आयोग के समन पर नहीं हुए पेश बादशाह, चेयरपर्सन Renu Bhatia ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनीहरियाणा महिला आयोग के समन पर नहीं हुए पेश बादशाह, चेयरपर्सन Renu Bhatia ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

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Badshah fails to appear before Haryana

हरियाणवी स्टाइल में रिलीज हुए विवादित गाने “टटीरी” को लेकर मशहूर रैपर Badshah और Haryana State Commission for Women के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पानीपत में आयोग की सुनवाई के दौरान बादशाह पेश नहीं हुए, जिससे आयोग की चेयरपर्सन Renu Bhatia नाराज हो गईं और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे दी।

दरअसल, आयोग ने 6 मार्च को बादशाह को नोटिस जारी कर 13 मार्च को पानीपत के लघु सचिवालय में पेश होने के लिए कहा था। यह नोटिस उनके हाल ही में रिलीज हुए गाने “टटीरी” के आपत्तिजनक लिरिक्स और वीडियो में दिखाए गए कुछ दृश्यों को लेकर भेजा गया था। लेकिन तय समय पर बादशाह आयोग के सामने पेश नहीं हुए।

बादशाह की ओर से उनके वकील अक्षय दहिया सुनवाई में पहुंचे और उन्होंने आयोग को बताया कि रैपर किसी प्रोफेशनल कमिटमेंट की वजह से उपस्थित नहीं हो सके। वकील ने आयोग से अगली तारीख देने का अनुरोध भी किया। साथ ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बादशाह का पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रखने की अनुमति मांगी गई।

इस पर सुनवाई के दौरान चेयरपर्सन रेणु भाटिया नाराज हो गईं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आयोग के समन को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बादशाह शुक्रवार को दोपहर 3 बजे तक पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि “टटीरी” गाना 1 मार्च 2026 को रिलीज हुआ था। रिलीज होते ही इस गाने के कुछ बोल और वीडियो में दिखाए गए दृश्यों को लेकर विवाद शुरू हो गया। कई सामाजिक संगठनों और महिला समूहों ने आरोप लगाया कि गाने में अश्लील शब्दों का प्रयोग किया गया है और इसमें महिलाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने भी इस गाने को महिलाओं का अपमान करने वाला और उन्हें ऑब्जेक्टिफाई करने वाला बताया था। उनके अनुसार इस तरह के गाने समाज में गलत संदेश देते हैं और युवाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

विवाद का एक और कारण गाने की शूटिंग भी बनी। वीडियो में जींद रोडवेज की बस और नरवाना के सच्चा खेड़ा गांव के सरकारी स्कूल के दृश्य दिखाए गए हैं। संबंधित विभागों का आरोप है कि इन स्थानों पर शूटिंग के लिए किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके अलावा वीडियो में स्कूल ड्रेस पहनी लड़कियों के कुछ सीन को लेकर भी आपत्ति जताई गई है।

बताया जा रहा है कि गाने की शूटिंग जींद के सच्चा खेड़ा और नरवाना क्षेत्र के अलावा दुबई में भी की गई थी। विवाद बढ़ने के बाद पंचकूला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गाने को यूट्यूब से हटवा दिया। साथ ही पंचकूला और जींद में बादशाह के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले भी दर्ज किए गए हैं।

इस मामले में खाप पंचायतों और कई सामाजिक संगठनों ने भी गाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह गाना हरियाणवी संस्कृति और समाज के मूल्यों के खिलाफ है, इसलिए इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

विवाद बढ़ने के बाद बादशाह ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर उनके गाने के कुछ बोल या सीन से हरियाणा के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं। बादशाह ने कहा कि वह खुद हरियाणा से हैं और लोगों से उन्हें अपने बेटे की तरह माफ करने की अपील की।

फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और आयोग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।