बदरीनाथ धाम दान-चढ़ावा मामला: जांच के पहले दिन बड़ी कार्रवाई, बीकेटीसी कर्मचारी निलंबित, एफआईआर की तैयारी

बदरीनाथ धाम दान-चढ़ावा मामला: जांच के पहले दिन बड़ी कार्रवाई, बीकेटीसी कर्मचारी निलंबित, एफआईआर की तैयारी

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Badrinath Dham donation and offering case: Major action on the first day of the probe

देहरादून। Badrinath Dham donation and offering case: बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा में हेराफेरी के मामले में बीकेटीसी ने पहले ही दिन सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा संदेश दिया। मंगलवार को पहली बार बदरीनाथ पहुंची विभागीय जांच समिति ने शुरुआती जांच में ही अध्यक्ष कार्यालय में तैनात वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल की भूमिका को संदेह के घेरे में पाया।

मिले गंभीर तथ्यों से समिति ने बीकेटीसी के उच्चाधिकारियों को मौखिक अवगत कराया। इसके बाद बिना देरी के बीकेटीसी के प्रशासन ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। देर शाम तक उनके खिलाफ पुलिस में तहरीर देकर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी भी चल रही थी।

बीकेटीसी ने सख्त कार्रवाई कर दिया संदेश

सूत्रों के अनुसार, जांच समिति को पहले दिन की पड़ताल में ऐसे गंभीर तथ्य मिले, जिनसे यह संकेत मिला कि दान-चढ़ावा से जुड़े पूरे घटनाक्रम में प्रमोद नौटियाल की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध है। इसी आधार पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया, ताकि मामले में पारदर्शिता का स्पष्ट संदेश दिया जा सके।

जांच बढ़ेगी तो खुलेंगी कई परतें

बदरीनाथ धाम के दान-चढ़ावा प्रकरण में शुरुआती कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार विभागीय और उच्चस्तरीय जांच समितियां केवल एक व्यक्ति की भूमिका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पूरे घटनाक्रम और धन प्रबंधन की भी बारीकी से पड़ताल करेंगी।

अब आरोपित पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी

जांच में दस्तावेजों, रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों के बयान भी लिए जाएंगे। यदि जांच के दौरान किसी अन्य की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले की कई और परतें खुल सकती हैं और इसमें अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।