जनजातीय क्षेत्रों में महिला कानूनों के प्रति जागरूकता जरूरी है
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जनजातीय क्षेत्रों में महिला कानूनों के प्रति जागरूकता जरूरी है

Women's Laws is Necessary

Women's Laws is Necessary

प्रोजेक्ट डिजाइन के लिए 'महिला आयोग' की तैप्यारी

( अर्थप्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )

 अमरावती : Women's Laws is Necessary: (आंध्र प्रदेश) महिला आयोग ने आदिवासी क्षेत्रों में महिला कानूनों के प्रति जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है।  आयोग की अध्यक्ष श्रीमती गज्जला वेंकट लक्ष्मी की अध्यक्षता में मंगलागिरी में एपी महिला आयोग के कार्यालय में त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई।  इस बैठक में आयोग के सदस्य कुमारी गद्दाम उमा, सुश्री बूसी विनीता, आयोग सचिव सुश्री वसंत बाला ने भाग लिया।  अध्यक्ष श्रीमती गज्जला वेंकट लक्ष्मी ने हाल ही में राष्ट्रीय महिला आयोग के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में आदिवासी महिलाओं के स्वास्थ्य पर सामने आए मुद्दों के आधार पर सदस्यों को परियोजना के बारे में बताया।  आदिवासी क्षेत्रों के दौरे और वहां आयोजित सम्मेलनों पर चर्चा की गयी.  आयोग के सदस्यों को बसिविनी, जोगिनी और मातंगी जैसी बर्बर प्रथाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें रोकना चाहिए।  पिछले तीन महीनों में आयोग के ध्यान में लाई गई शिकायतों और संबंधित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई।   आयोग को सदस्यों को आवंटित क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों के समाधान पर शीघ्र प्रतिक्रिया देनी चाहिए।  अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि मामलों की जांच की जानकारी समय-समय पर सदस्यों को उपलब्ध करायी जाये.  सचिव श्रीमती वसंता बाला ने हरियाणा में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग के सम्मेलन में उल्लिखित महिला सुरक्षा ऑडिट के बारे में बताया।  आयोग के सदस्यों को आवंटित क्षेत्रों में किये गये कार्यक्रमों का ब्योरा हर माह आयोग के कार्यालय को भेजने को कहा गया.  बैठक में आयोग अनुभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।