अखिलेश यादव ने I-PAC से तोड़ा करार, ओपी राजभर ने लगाए गंभीर आरोप; यूपी की राजनीति में हलचल तेज

अखिलेश यादव ने I-PAC से तोड़ा करार, ओपी राजभर ने लगाए गंभीर आरोप; यूपी की राजनीति में हलचल तेज

Akhilesh Yadav Terminates Pact with I-PAC

Akhilesh Yadav Terminates Pact with I-PAC

लखनऊ: Akhilesh Yadav Terminates Pact with I-PAC, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी आई-पैक (I-PAC) के साथ अपनी पार्टी का करार तोड़ दिया है। उन्होंने यह कदम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उठाया। जब उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को करीब 10 महीने बाकी हैं, तब अखिलेश यादव ने ऐसा क्यों किया? इस बारे में यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।

सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आई-पैक से समाजवादी पार्टी का करार रद्द किए जाने की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि, हमारा संबंध उनसे था। कुछ महीने हमारे साथ उन्होंने काम किया। लेकिन अब हम साथ काम नहीं कर पा रहे, क्योंकि हमारे पास फंड की कमी है, हम इतना फंड नहीं दे सकते।

अखिलेश और ममता बनर्जी पर निशाना


अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सपा के करार तोड़ने के बारे में बड़ा दावा किया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को निशाना बनाया है।
 

I-PAC को हटाने की कहानी


मंत्री ओपी राजभर पोस्ट में लिखा है- 'आज बताता हूं, अखिलेश यादव की I-PAC को हटाने की कहानी। ममता दीदी ने I-PAC नाम की एक पॉलिटिकल स्ट्रैटजी कंपनी हायर की। उस कंपनी को काम देने के साथ ही ममता दीदी ने यूपी में सपा के लिए कॉम्प्लीमेंट्री काम करने का निर्देश दिया।'

कोयला घोटाले से फंडिग!


उन्होंने लिखा है, 'मीडिया रिपोर्टों के अनुसार I-PAC की पूरी फंडिंग पश्चिम बंगला में ममता बनर्जी की सरकार में हुए 2700 करोड़ से ज्यादा के कोयला घोटाले से हो रही थी। तमाम जांचों में यह बात सामने आई है कि हवाला के जरिए I-PAC को फंडिंग हो रही थी और ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा रहा था।'
 

राजभर ने अखिलेश से मांगा जवाब


राजभर ने दावा किया है कि, 'पश्चिम बंगाल के कोयला घोटाले का यही फंड हवाला के जरिए I-PAC की यूपी विंग को आना था, जो सपा के लिए चुनावी जमीन तैयार करता। अखिलेश जी के लिए दुखद घटना यह हो गई कि पश्चिम बंगाल में ममता दीदी हार गई। अब घोटाले का फंड यूपी कैसे आ सकता है, जब सरकार ही नहीं बची? यही वजह रही कि ढाई महीने I-PAC से काम कराने के बाद अखिलेश जी ने I-PAC को नमस्ते कर दिया। जवाब दीजिए अखिलेश जी?'
 

यूपी में चुनाव अगले साल


गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने की संभावना है। अखिलेश यादव सत्ता में वापसी के लिए भारी जोर लगा रहे हैं। वे यूपी में भाजपा को हराने के लिए पीडीए (PDA), यानी 'पिछड़ा', 'दलित' और 'अल्पसंख्यक' वोटों के समाजवादी पार्टी के पक्ष में ध्रुवीकरण के लिए जोर लगा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी आई-पैक से करार किया था। इस कंपनी की स्थापना चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने की थी। हालांकि अब वे इसका हिस्सा नहीं हैं।