लोहगढ़ किले हादसे में बड़ा खुलासा, बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में हत्या का आरोप

Major revelation in the Lohgarh Fort incident

Major revelation in the Lohgarh Fort incident

पुणे। Major revelation in the Lohgarh Fort incident, महाराष्ट्र के मशहूर लोहगढ़ किले से गिरकर हुई 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वारदात के समय किले पर तैनात सुरक्षाकर्मी धीरज जाधव ने उस खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई है कि केतन के गिरने के ठीक बाद वहां क्या-क्या हुआ?

चिल्लाने की आवाज सुनकर दौड़ा था गार्ड

सुरक्षाकर्मी धीरज जाधव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 18 जून को वह ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उन्हें कुछ दूरी से जोर-जोर से चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं। मैं आवाज सुनकर तुरंत उस तरफ भागा। वहां पहुंचकर मैंने केतन की मंगेतर सिया गोयल से पूछा कि क्या हुआ? गार्ड ने बताया कि जब मैंने ये सवाल सिया से पूछा तो उसने कहा कि यहां से कोई गिर गया है।' वह लगातार 'बचाओ-बचाओ' चिल्ला रही थी।

तुरंत पुलिस को दी सूचना- सुरक्षाकर्मी

धीरज ने बताया कि सिया ने उस वक्त उन्हें ज्यादा कुछ नहीं बताया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को फोन कर दिया। उन्होंने बताया कि किले पर 24 घंटे सुरक्षा रहती है और पास ही पुलिस चौकी भी है, हालांकि वहाँ मोबाइल नेटवर्क की थोड़ी समस्या रहती है।

पुलिस ने इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआत में इस मामले को ट्रेकिंग के दौरान पैर फिसलने का 'हादसा' बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में जो सच सामने आया वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।

पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन पिछले छह महीनों से लगातार संपर्क में थे। दोनों के बीच इस दौरान 2,004 बार फोन पर बात हुई, जो कुल मिलाकर 238 घंटे बनती है। कई कॉल्स तो दो से तीन घंटे से भी ज्यादा लंबी थीं।

कैफे में बना था फाइनल प्लान

जानकारी के अनुसार वारदात वाले दिन सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले थे। वहीं बैठकर उन्होंने केतन को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान तैयार किया और किले पर उस जगह को चुना जहा से केतन को धक्का देना था।

पहले भी की थी धक्का देने की कोशिश

गौरतलब है कि मृतक केतन अग्रवाल पुणे के गहुंजे का रहने वाला था और अपनी पारिवारिक रियल एस्टेट कंपनी 'सक्सेस ग्रुप' का डायरेक्टर और सीएमओ था। सिया और केतन की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर के एक महल में बेहद आलीशान शादी होने वाली थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया लगातार केतन को 3,300 फीट ऊंचे लोहगढ़ किले पर चलने के लिए मजबूर कर रही थी। 

  • 31 मई: दोनों पहली बार किले पर गए।

  • 4 जून: सिया ने दोबारा जाने की जिद की, लेकिन केतन की मां ने मना कर दिया।

  • 14 जून: दोनों फिर किले पर गए। आरोप है कि वहां सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी। लेकिन केतन ने एक झाड़ी को पकड़ लिया और उसकी जान बच गई। जब केतन ने सिया से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया, तो सिया ने झूठ बोल दिया कि वहां 'सांप' था और वह उसे बचा रही थी।

इसके बाद, आखिरकार 18 जून को सिया अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर केतन को किले से नीचे धक्का देने में कामयाब रही, जिसे अब पुलिस ने पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।