बिहार में घुसपैठियों के खिलाफ जल्द शुरू होगी कार्रवाई, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का बड़ा बयान
Action against infiltrators in Bihar will begin soon,
मधुबनी। Nityanand Rai Statement: केवल असम व पश्चिम बंगाल ही नहीं, बिहार में भी घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि बिहार से भी जल्द घुसपैठियों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इसको लेकर केंद्र सरकार गंभीर है और विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
सीमांचल में पहले चरण में कार्रवाई
मधुबनी जिले के मधेपुर में आयोजित भाजपा के झंझारपुर जिला प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले चरण में सीमांचल क्षेत्र में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से भी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा कर चुके हैं और इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ईवीएम पर विपक्ष को घेरा
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष द्वारा ईवीएम पर उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसलिए आरोप लगा रहा है क्योंकि अब उन्हें बैलेट लूटने का मौका नहीं मिलता है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब केरल और तमिलनाडु में चुनाव होते हैं तो ईवीएम सही रहती है, लेकिन जहां एनडीए गठबंधन जीतता है वहां विपक्ष ईवीएम पर सवाल खड़ा करने लगता है।
बीएसएफ ने फेंसिंग शुरू की
नित्यानंद राय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत वहां की तुष्टिकरण और अराजकता की राजनीति पर प्रहार होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनते ही बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ फेंसिंग कार्य को गति मिलेगी।
समय सीमा बताने से किया इनकार
बिहार से घुसपैठियों को हटाने की समय सीमा के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद वीरेंद्र कुमार चौधरी, विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा, पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल और भाजपा जिलाध्यक्ष बच्चा बाबू कामत सहित कई भाजपा नेता मौजूद रहे।
नित्यानंद राय की इस घोषणा को केंद्र सरकार विशेषकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सीमांचल को लेकर चल रही सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव से पहले और उसके बाद भी वे यहां का दौरा कर चुके हैं।