AAP MP Malvinder Singh Kang

वित्तीय बिल 2026 पर आप सांसद कंग का केंद्र पर हमला, महंगाई और किसानों के मुद्दे उठाए

pp

AAP MP Malvinder Singh Kang

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने वित्तीय बिल 2026 पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में आर्थिक मजबूती और सुधारों के जो दावे किए जा रहे हैं, वे जमीनी हकीकत से काफी दूर हैं।

कंग ने कहा कि वित्त मंत्री भले ही देश की आर्थिक तरक्की के बड़े दावे कर रही हों, लेकिन वास्तविक स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है और भारतीय रुपया कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90 के पार पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल को 60 रुपये प्रति लीटर करने का वादा किया गया था, लेकिन आज इसकी कीमत 100 रुपये से अधिक हो चुकी है और डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।

किसानों की स्थिति का जिक्र करते हुए कंग ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरी तरह से विफल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ने के बजाय खेती का खर्च दोगुना या तिगुना हो गया है। कीटनाशकों और खाद की कीमतों में बढ़ोतरी से किसान और अधिक आर्थिक दबाव में आ गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार भारत को दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का दावा कर रही है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत 142वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ ही देश में गरीबी और अमीर-गरीब के बीच की खाई भी बढ़ती जा रही है।

कंग ने आरोप लगाया कि बड़े कॉर्पोरेट घरानों के 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज को एनपीए घोषित कर माफ कर दिया गया, जबकि किसान आज भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे साफ होता है कि सरकार किसके हितों की रक्षा कर रही है।

उन्होंने अग्निवीर योजना की भी कड़ी आलोचना की और इसे युवाओं के भविष्य के लिए चिंता का विषय बताया। कंग ने कहा कि जो युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते थे, वे अब अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी के कारण कई युवा गलत रास्तों की ओर भी जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुद्दे पर कंग ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि यह समझौता लागू होता है तो इससे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के डेयरी, सेब और मक्का उत्पादकों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के जरिए सीमा पार व्यापार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जहां मुंबई-कराची मार्ग से व्यापार जारी है, वहीं अमृतसर-लाहौर (वाघा बॉर्डर) व्यापार मार्ग बंद है। यदि इसे खोला जाए तो पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।

सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए कंग ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा ठोस कदम न उठाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।

इसके अलावा उन्होंने मनरेगा जैसी कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

अपने भाषण के अंत में कंग ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना मजदूरों पर हमला है, अग्निवीर योजना युवाओं के रोजगार पर असर डाल रही है और कुछ व्यापार नीतियां किसानों की आजीविका के लिए चुनौती बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब किसान, युवा और मजदूर आर्थिक रूप से सुरक्षित और मजबूत हों।