7 people of the same family were put to death, now they will be hanged, see what is the matter
Gaziabad-Murder

7 people of the same family were put to death, now they will be hanged, see what is the matter

एक ही परिवार के 7 लोगों को उतारा था मौत के घाट, अब चढ़ेगा फांसी, देखें क्या है मामला

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Gaziabad) में 9 साल पहले हुए एक नरसंहार में न्याय का इंतजार खत्म हो गया है, जिसमें एक कारोबारी के परिवार के 7 लोगों की हत्या कर दी गई थी। लूट के इरादे से पूरे परिवार को मौत के घाट उतार देने वाले ड्राइवर राहुल वर्मा को ईसी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश की अदालत में फांसी की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

कोर्ट ने राहुल को शनिवार को दोषी करार दिया था

कोर्ट ने शनिवार को राहुल को दोषी करार दिया था और सजा पर बहस के लिए 1 अगस्त की तारीख तय की थी। 21 मई 2013 को घंटाघर नई बस्ती मोहल्ले में इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था। कारोबारी सतीश गोयल (Satish Goyal) का ड्राइवर राहुल वर्मा  नरसंहार को अंजाम देने के बाद लाखों रुपए के गहने और नकदी लेकर भागा था। वह करीब 9 साल से डासना जेल में बंद है। 
     
21 मई 2013 को दिया था वारदात को अंजाम

(Gaziabad) घंटाघर कोतवाली (Ghantaghar Kotwali) क्षेत्र में 21 मई 2013 की रात सनसनीखेज घटना हुई थी। घंटाघर नई बस्ती मोहल्ले में रहने वाले बुजुर्ग कारोबारी सतीश गोयल (Satish Goyal) और उनके पूरे परिवार की चाकू से गोद कर हत्या कर दी गई थी। मृतक कारोबारी के दामाद सचिन मित्तल ने कोतवाली थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्याकांड का मुकदमा दर्ज कराया था। मृतकों में कारोबारी सतीश गोयल,उनकी पत्नी मंजू गोयल, पुत्र सचिन गोयल, पुत्र वधू रेखा गोयल और तीन पौत्र पौत्री शामिल थे। 

कारोबारी का कार चालक था राहुल

वारदात के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की और घटना के 10 दिन बाद सनसनीखेज हत्या के आरोप में राहुल वर्मा (Rahul Verma) को घटना के अगले दिन ही 22 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने राहुल के पास से छह हजार रुपए नगद और सोने चांदी के लाखों के जेवरात बरामद किए थे।  कोतवाली पुलिस ने दो दिन बाद 24 मई को हत्यारे राहुल वर्मा को पुलिस रिमांड पर लेकर हत्या में प्रयुक्त चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद किए। राहुल वर्मा कारोबारी का कार चालक था। राहुल घटना से करीब 15 दिन पहले कारोबारी सतीश गोयल के घर से साढ़े चार लाख रुपए चोरी कर फरार हो गया था। तब से नौकरी पर नहीं आ रहा था।

लाखों की नगदी मिलने के इरादे से की थी वारदात

पीडि़त पक्ष के अधिवक्ता देवराज सिंह ने बताया कि 22 मई 2013 को सतीश चंद्र गोयल की किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी। राहुल को इसके बारे में जानकारी थी। उसे अनुमान था कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए घर में रखे 25 से 30 लाख रुपए मिल सकते हैं। इसी इरादे से राहुल ने 21 मई की रात वारदात को अंजाम दिया था।