औद्योगिक विकास कार्यों की गुणवत्ता पर योगी सरकार सख्त, यूपीसीडा ने मजबूत की थर्ड पार्टी जांच व्यवस्था
Yogi government strict on the quality of industrial development works
लखनऊ। औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने औद्योगिक क्षेत्रों में कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी जांच व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने गाजियाबाद के सात प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान भारत सरकार के उपक्रम राइट्स लिमिटेड से विकास कार्यों का विस्तृत गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण कार्यों के सैंपल और गुणवत्ता परीक्षण उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराए जाने का फैसला लिया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कविनगर, स्वदेशी औद्योगिक क्षेत्र, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, साउथ साइड जीटी रोड, लोहामंडी, मेरठ रोड साइट-3 और साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्रों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए थर्ड पार्टी ऑडिट व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, लंबित विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
उद्यमियों से अनुचित मांग या उत्पीड़न पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण और उद्यमियों के साथ हुई बैठक के दौरान ट्रक पार्किंग, पार्कों के विकास, टेस्ट लैब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और एक्सपो सेंटर जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति दोहराते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा उद्यमियों से अनुचित मांग या उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए पारदर्शी, जवाबदेह और उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना यूपीसीडा और योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
अथॉरिटी को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर
प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे के बीच योगी सरकार गुणवत्ता नियंत्रण और जवाबदेही पर भी विशेष जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि निवेश आकर्षित करने के लिए केवल नई परियोजनाओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके क्रियान्वयन की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित की जा रही सड़कों, नालियों, पार्किंग, कॉमन सुविधाओं और अन्य आधारभूत ढांचों की स्वतंत्र जांच की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। यही नहीं, यूपी को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत सरकार औद्योगिक अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निवेशक अनुकूल माहौल और पारदर्शी प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए यूपीसीडा को भी अधिक जवाबदेह बनाया जा रहा है।