योगी की अगुवाई में आज गोरखपुर में निकलेगी प्रह्लाद की शोभायात्रा, 60 किलो फूलों से खेली जाएगी पुष्प होली

योगी की अगुवाई में आज गोरखपुर में निकलेगी प्रह्लाद की शोभायात्रा, 60 किलो फूलों से खेली जाएगी पुष्प होली

Yogi Adityanath will lead a Procession of Prahlad in Gorakhpur

Yogi Adityanath will lead a Procession of Prahlad in Gorakhpur

गोरखपुर। होली के उपलक्ष्य में शहर में होने वाले परंपरागत आयोजन का सिलसिला सोमवार से शुरू हो जाएगा। शुरुआत पांडेयहाता में होलिका दहन उत्सव और भक्त प्रहलाद की शोभायात्रा से होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में यह आयोजन यादगार बनेगा। इसे अपेक्षा से अधिक भव्य स्वरूप मिलेगा। मुख्यमंत्री भक्त प्रहलाद की आरती उतारेंगे और फूलों की होली के साथ शोभायात्रा को रवाना करेंगे। इससे पहले संबोधन के जरिये वह शहरवासियों को होली की बधाई देंगे।

होलिका दहन उत्सव समिति के संरक्षक आशीष गुप्ता और अध्यक्ष रामप्रकाश गुप्ता के मुताबिक इस बार आयोजन को भव्य बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। विरासत गलियारे में विस्थापित व्यापारियों को स्थापित किए जाने के उपलक्ष्य में सभी व्यापारीगण मुख्यमंत्री योगी का शंखनाद के बीच गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा कर स्वागत करेंगे।

महामंत्री शिवम पटवा और कोषाध्यक्ष राहुल गुप्ता ने बताया कि इस बार शोभायात्रा के लिए कानपुर से आ रही झांकी आकर्षण का केंद्र होगी। आकर्षक झांकियां भक्त प्रहलाद की कथा और होलिका दहन की पौराणिक पृष्ठभूमि को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। शोभायात्रा का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा भक्त प्रहलाद की आरती से होगा।

इसके बाद फूलों एवं अबीर-गुलाल की होली खेलकर यात्रा की शुरुआत की जाएगी। शोभायात्रा पांडेयहाता से निकलकर मदरसा चौराहा, घासीकटरा, बेनीगंज, अलीनगर, बक्शीपुर, नखास चौक, रेती चौक होते हुए नार्मल तिराहे पर जाकर संपन्न होगी। मार्ग के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु एवं व्यापारी स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं।

चार मंचों पर सजेगा होली का उत्सव

इस वर्ष होलिका दहन उत्सव को और विशेष बनाने के लिए एक के स्थान पर चार मंच तैयार किए जा रहे हैं। इन मंचों पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। फरुआही नृत्य सहित लोकनृत्यों की मनोहारी झलकियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। मंच से 11 ब्राह्मणों द्वारा एक साथ शंखनाद किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान हो उठेगा। डमरू की गूंज पर श्रद्धालु झूमते नजर आएंगे।

होली खेलने के लिए इस बार 60 किलोग्राम गुलाब और गेंदे की फूल-पंखुड़ियों की व्यवस्था की गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दस गुणा अधिक है। आयोजकों का कहना है कि इस बार गुलाल के साथ-साथ पुष्प की होली आयोजन की विशेष पहचान बनेगी।

झोपड़ी में जलेगी इस बार होलिका

होलिका दहन की व्यवस्था भी इस बार कुछ अलग ही है। ‘सम्मत’ को झोपड़ी के स्वरूप में तैयार किया गया है, जिसमें होलिका को विराजमान कर दहन किया जाएगा। इससे परंपरा और प्रतीकात्मकता दोनों का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। समिति ने यह थीम इस बार के होलिका दहन उत्सव को खास व यादगार बनाने के लिए किया है।

आयोजन को शानदार बनाने के लिए समिति के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। पदाधिकारियों के अनुसार आयोजन की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।