बांग्लादेश के नरसिंगदी में हिंदू दुकानदार की हत्या, 24 घंटे में हुई दूसरी घटना

Hindu Persecution In Bangladesh

Hindu Persecution In Bangladesh

ढाका: Hindu Persecution In Bangladesh: भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में हालात सामान्य होने के नाम नहीं ले रहे हैं. आए दिन यहां पर नई वारदात होती है और अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया जाता है. ताजा जानकारी के मुताबिक राजधानी ढाका के पास नरसिंगडी में सोमवार देर रात एक 40 साल के हिंदू शरत चक्रवर्ती मणि की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला करके हत्या कर दी. यहां के एक अखबार ने इस खबर की पुष्टि की है.

स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने दावा किया कि हमला उस समय हुआ जब मणि पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में अपनी किराने की दुकान पर थे. बताया जा रहा है कि हमलावर अचानक आए और धारदार हथियारों से उन पर हमला करके मौके से भाग गए. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई. पिछले 18 दिनों में बांग्लादेश में किसी हिंदू व्यक्ति की हत्या की छठी घटना है. 19 दिसंबर को मणि ने देश में हिंसा पर चिंता जताते हुए एक सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने अपने जन्मस्थान को 'मौत की घाटी' बताया था. पुलिस इस घटना की जांच कर रही है.

यह हत्या सोमवार को जेसोर में एक और हिंदू व्यक्ति की हत्या की खबर के बाद हुई है. यहां के प्रोथोम एलो की रिपोर्ट के अनुसार, जेसोर के मोनिरामपुर इलाके में एक आइस फैक्ट्री के मालिक राणा प्रताप बैरागी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राणा प्रताप, मोनिरामपुर के कपालिया बाजार में बर्फ बनाने की फैक्ट्री के मालिक थे, और नरैल से छपने वाले अखबार 'दैनिक बीडी खोबोर' के एडिटर थे. मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावरों ने उसे आइस फैक्ट्री से बाहर बुलाया और एक गली में ले जाकर उसके सिर में बहुत पास से गोली मारकर भाग गए. राणा प्रताप की मौके पर ही मौत हो गई.

मोनीरामपुर पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) एमडी रजिउल्लाह खान ने बताया कि शव बरामद कर लिया गया है और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है. पुलिस ने हत्या के पीछे का मकसद नहीं बताया है और जांच चल रही है. पिछले कुछ हफ्तों में, अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे हमलों और बढ़ती असुरक्षा के बारे में रिपोर्ट्स आई हैं. खास तौर पर, हाल ही में एक दुखद घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा, जब नए साल की शाम को एक हिंदू व्यक्ति खोकन दास को आग लगा दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई.

हमलावरों ने कथित तौर पर उस पर धारदार हथियारों से हमला किया, उसके शरीर पर पेट्रोल डाला और उसे आग लगा दी. खुद को बचाने की कोशिश में, दास सड़क के पास एक तालाब में कूद गया. उसकी चीखें सुनकर, लोग मौके पर पहुंचे, जिससे हमलावर भाग गए. आस-पास के लोगों ने दास को बचाया और पहले उसे शरियतपुर सदर हॉस्पिटल ले गए. बाद में चोटों की वजह से उसकी मौत हो गई.