NEET-UG पेपर लीक का पर्दाफाश: 'प्राइवेट माफिया' ग्रुप से फैला जाल, नासिक से जयपुर तक जुड़े तार

NEET-UG पेपर लीक का पर्दाफाश: 'प्राइवेट माफिया' ग्रुप से फैला जाल, नासिक से जयपुर तक जुड़े तार

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NEET-UG Paper Leak Exposed

NEET-UG Paper Leak Exposed : नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा में धांधली की परतें अब तेजी से खुल रही हैं. मंगलवार को जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल की शुरुआत महाराष्ट्र के नासिक से हुई थी. नासिक से यह पेपर हरियाणा के गुड़गांव पहुंचा और वहां से राजस्थान की राजधानी जयपुर तक सप्लाई किया गया. राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने जयपुर से एक ऐसे व्यक्ति को पूछताछ के लिए पकड़ा है, जिसके बच्चों ने इस साल परीक्षा दी थी. हालांकि यह व्यक्ति मुख्य आरोपी नहीं है, लेकिन इसके जरिए पेपर के रूट की अहम जानकारियां मिली हैं.

वॉट्सऐप पर बने 'प्राइवेट माफिया' में आए पेपर

जांच के दौरान एक वॉट्सऐप ग्रुप का खुलासा हुआ है जिसका नाम 'प्राइवेट माफिया' रखा गया था. इस ग्रुप में करीब 400 सदस्य जुड़े हुए थे. ग्रुप के कैप्शन में साफ तौर पर निर्देश दिए गए थे कि यह मंच केवल लीक हुए एग्जाम पेपर अपलोड करने के लिए बनाया गया है और कोई भी सदस्य इन पेपर्स को बाहर फॉरवर्ड नहीं करेगा. चौंकाने वाली बात यह है कि लीक हुए इस गेस पेपर में से कुल 60 सवाल मुख्य परीक्षा के पेपर में हूबहू मिले हैं. इनमें बायोलॉजी के 90 में से सभी सवाल और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल बिल्कुल समान पाए गए हैं.

मनीष यादव है नीट यूजी पेपर लीक का मास्टरमाइंड

राजस्थान SOG ने इस पूरे सिंडिकेट के दो सबसे अहम किरदारों को चिन्हित कर उन्हें हिरासत में ले लिया है. इस कांड का मुख्य मास्टरमाइंड मनीष यादव बताया जा रहा है, जिसे जयपुर से पकड़ा गया है. उसके साथ राकेश मंडावरिया नाम के शख्स को भी हिरासत में लिया गया है, जिस पर पेपर को अभ्यर्थियों के बीच डिस्ट्रीब्यूट करने की जिम्मेदारी थी. हालांकि, अभी तक इन पर औपचारिक FIR दर्ज नहीं हुई है, लेकिन SOG ने दावा किया है कि उन्होंने केस को लगभग सुलझा लिया है.

तीन राज्यों तक फैले पेपर लीक के तार

मामले की गंभीरता और अंतरराज्यीय साजिश को देखते हुए अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कमान संभाल ली है. CBI को इस केस की जांच के आदेश मिल चुके हैं और एजेंसी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) व राजस्थान SOG से संपर्क कर केस की पूरी फाइल मांग ली है. सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक के तार महाराष्ट्र, उत्तराखंड और राजस्थान तक फैले होने के कारण CBI की टीमें जल्द ही इन तीनों राज्यों में छापेमारी कर सकती हैं. SOG अब मामला पूरी तरह से CBI को हैंडओवर करने से पहले कागजी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी है.