फिल्म जगत में पसरा मातम, दिग्गज फिल्ममेकर एमएम बेग का निधन, अंतिम समय में कोई नहीं था पास

फिल्म जगत में पसरा मातम, दिग्गज फिल्ममेकर एमएम बेग का निधन, अंतिम समय में कोई नहीं था पास

Veteran Filmmaker MM Beg Passes Away

Veteran Filmmaker MM Beg Passes Away

हैदराबाद: Veteran Filmmaker MM Beg Passes Away: जाने-माने फिल्ममेकर एम. एम. बेग अपने घर पर मृत पाए गए. इसकी जानकारी उनके पब्लिसिस्ट हनीफ ज़वेरी ने दी है. बेग पुराने जमाने की मशहूर चाइल्ड आर्टिस्ट बेबी गुड्डू के पिता थे. उनकी उम्र 70 साल के आस-पास थी.

पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस खबर को उनके पब्लिसिस्ट हनीफ जावेरी ने कन्फर्म किया, जिन्होंने बताया कि बेग कुछ समय से बीमार थे. उनके मुताबिक, फिल्ममेकर के कई दिनों तक घर से बाहर न निकलने पर चिंता बढ़ गई थी. हनीफ ने कहा, 'वह काफी समय से बीमार थे. चूंकि, वह चार-पांच दिनों से घर से बाहर नहीं निकले थे, इसलिए पड़ोसियों ने पुलिस से उनके घर से आने वाली बदबू की शिकायत की.'

हनीफ ने बताया, 'पुलिस ने जब दरवाजा खोला और तो बेग साहब की डेड बॉडी मिली. पुलिस ने उनकी बेटी को इसके बारे में बताया. बाद में वे उनकी बॉडी को पोस्ट-मॉर्टम के लिए रात करीब 1:30-2:00 बजे कूपर हॉस्पिटल ले गए. वह एक प्यारे इंसान थे. मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.'

एम.एम. बेग ने अपने करियर की शुरुआत जे ओम प्रकाश, विमल कुमार और राकेश रोशन के असिस्टेंट के तौर पर गोविंदा की 'आदमी खिलौना है', 'जैसी करनी वैसी भरनी', और 'कर्ज चुकाना है', 'काला ​​बाजार' और 'किशन कन्हैया' जैसी फिल्मों में की थी.

एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर, उन्होंने दो फिल्में डायरेक्ट कीं, जिनमें नसीरुद्दीन शाह की 'मासूम गवाह' (1990), जो अभी तक रिलीज नहीं हुई है, और 'छोटी बहू' (1994), जिसमें शिल्पा शिरोडकर ने एक्टिंग की थी, शामिल हैं.

एम एम बेग फिल्म इंडस्ट्री में कई जाने-माने प्रोजेक्ट्स से जुड़े थे. वह हिस्टोरिकल ड्रामा रजिया सुल्तान में शामिल थे. इतने सालों में, उन्होंने इंडस्ट्री में चुपचाप अपनी मौजूदगी बनाए रखी, जबकि उनकी बेटी बेबी गुड्डू 1980 के दशक में कई फिल्मों में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गईं. बेबी गुड्डू का असली नाम शाहिन्दा बेग है.