बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला गरमाया, नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने पर भी उठे सवाल

Issue of alleged misappropriation of offerings

Issue of alleged misappropriation of offerings

 गोपेश्वर। Issue of alleged misappropriation of offerings, बदरीनाथ धाम में चढ़ावे दान में हेराफेरी के मामला तूल पकड़ रहा है। खास बात तो यह है कि बदरीनाथ धाम में लगे सीसीटीवी कैमरे एक जुलाई को बदले गए हैं। सीसीटीवी कैमरों के बदले जाने को इस प्रकरण से जोड़ कर देख रहे हैं, हालांकि मंदिर समिति प्रशासन इसे हाई पावर कैमरे लगाने की सामान्य प्रक्रिया बता रहा है।

मंदिर में दान पात्रों में एकत्रित हुई नगदी व अन्य जेवराज व सामग्री की गिनती में आरोपित अधिकारी का दखल रहता था। मामले में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने वित्तीय अधिकारी हेम कांडपाल, वरिष्ठ प्रशासनिक केदारनाथ डबर सिंह भुजवाण, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, लॉ अधिकारी शिशुपाल सिंह बत्र्वाल को शामिल कर जांच टीम बनाई गई है।

कई दिनों से सामने आ रही थी शिकायतें 

मंदिर में चढ़ावे की राशि को ठिकाने लगाने की शिकायतें कई दिनों से सामने आ रही थी। मंदिर परिसर में मौजूद एक साधू ने गिनती के दौरान इस हेराफेरी को देख कर विरोध जताया था। जिससे मामला तूल पकड़ गया। आरोपित अधिकारी को मोबाइल के नीचे नोटों की गड्डियां लाते देखा गया था। घटना के दिन आठ बजे से डेढ़ बजे तक तक गिनती हुई थी।

मंदिर में पांच दान पात्र हैं। जिसमें दो गर्भ गृह व तीन मंदिर परिक्रमा स्थल पर हैं। गिनती के दौरान एक-एक कर दान पात्रों को लाकर खाली किया जाता है। इन पांच दान पात्रों को थाली भेंट के नाम से जाना जाता था। घटना के दिन भी इन्हीं पांच दानपात्रों से थाली भेंट की दान राशि गिनी जा रही थी। इन दान पात्रों में नगदी के अलावा आभूषण आदि भी रहते हैं, जिन्हें अलग अलग कर गिना जाता है।

नगदी बैंक में व जेवरात तथा अन्य सामग्री खजाने में जमा होती है। सूत्रों के अनुसार घटना के दिन दान पात्रों से 16 लाख से अधिक की राशि गिनी गई थी। मंदिर समिति प्रशासन ने एक जुलाई को मंदिर में सीसीटीवी भी बदले हैं।

पहले मंदिर परिसर व मंदिर के अंदर सहित आसपास नजर रखने के लिए 16 कैमरे लगे थे। एक जुलाई को सीसीटीवी कैमरे भी बदले गए हैं। अब 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जो छह मेगा पिक्सल के हैं। पहले दो मेगा पिक्सल कैमरे थे।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ ने सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर में एक जुलाई को नए कैमरे लगाए गए हैं जो अधिक क्षमता के हैं।  पुरानी कैमरों की डीपीआर सुरक्षित है। जांच टीम मामले की जांच कर रही है। जांच कमेटी को सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई जाएगी। मोबाइल के नीचे नोट दबाकर ले जाने को लेकर भी जांच कमेटी ही व्यक्ति की पहचान करेगी।