केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1.27 लाख करोड़ रुपए के ‘सेमीकॉन 2.0’ को दी मंजूरी, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के छह स्तंभों पर होगा फोकस
BREAKING
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे से पहले पंचकूला पुलिस पूरी तरह अलर्ट, 9 इंटर स्टेट बॉर्डर नाकों समेत सभी 18 नाकों पर सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी बढ़ाई अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले में बड़ा खुलासा, ऊधमसिंह नगर के सात शिक्षण संस्थानों पर FIR दर्ज हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी के बीच हरियाणा की सियासत गर्म, कांग्रेस के 5 बागी विधायकों को PM मोदी के मंच से भाजपा का बड़ा संदेश हरिद्वार से वृंदावन तक 400 किमी की कांवड़ यात्रा, संत प्रेमानंद महाराज के अभिषेक के लिए गंगाजल लेकर निकले युवा लखनऊ में निकली श्रीजगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की सेवा और दिया एकता का संदेश

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1.27 लाख करोड़ रुपए के ‘सेमीकॉन 2.0’ को दी मंजूरी, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के छह स्तंभों पर होगा फोकस

Semiconductor India Budget

Semiconductor India Budget

नई दिल्ली: Semiconductor India Budget: भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को 'सेमीकॉन 2.0' योजना को मंजूरी दे दी है. इस महात्वाकांक्षी मिशन के लिए सरकार ने ₹1,27,500 करोड़ का विशाल बजट आवंटित किया है. इसका मुख्य उद्देश्य देश के भीतर ही चिप डिजाइन, घरेलू सेमीकंडक्टर निर्माण और अत्याधुनिक पैकेजिंग इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है.

सेमीकॉन 1.0 की सफलता और अब तक का सफर

कैबिनेट के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह नई योजना 'सेमीकॉन 1.0' की शुरुआती शानदार सफलताओं पर आधारित है. देश में अब तक ₹1.64 लाख करोड़ से अधिक के संचयी निवेश के साथ कुल 12 विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी जा चुकी है. इन मंजूर प्रस्तावों में एक सिलिकॉन फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एक इंटीग्रेटेड गैलियम नाइट्राइड माइक्रो LED डिस्प्ले फैब और नौ एडवांस पैकेजिंग इकाइयां शामिल हैं. राहत की बात यह है कि माइक्रोन, कायन्स और सीजी सेमी जैसी तीन बड़ी कंपनियों ने भारत में अपना कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया है, जबकि चौथी इकाई साल 2026 के अंत तक चालू हो जाएगी.

रणनीति के 6 मुख्य स्तंभ'सेमीकॉन 2.0' को देश में स्थायी रूप से स्थापित करने के लिए छह मजबूत स्तंभों पर तैयार किया गया है:

गहन चिप डिजाइन: 105 से अधिक घरेलू स्टार्टअप्स पहले से ही चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं. अब ध्यान देश की अपनी बौद्धिक संपदा (IP) और सिस्टम विकसित करने पर होगा.

मशीनें और कच्चा माल: चिप बनाने के लिए जरूरी रसायनों, गैसों, मशीनों और उपकरणों का निर्माण करने वाली कंपनियों को सरकार वित्तीय प्रोत्साहन देगी.

नए फैब्स की स्थापना: भारत का पहला मुख्य कमर्शियल फैब वर्ष 2028 में शुरू होने वाला है. सरकार का लक्ष्य दुनिया के बड़े निर्माताओं को भारत में नए फैब्स लगाने के लिए आकर्षित करना है.

एडवांस पैकेजिंग: वैश्विक बाजार अब भारत को एक सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहा है. सबसे आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों को देश में लाने के लिए कंपनियों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा.

अनुसंधान और विकास: भारत ने अपनी यात्रा 28nm-110nm नोड्स के साथ शुरू की है. अब दुनिया के बेहतरीन R&D केंद्रों के साथ मिलकर और ज्यादा एडवांस नोड्स विकसित किए जाएंगे.

विश्वस्तरीय टैलेंट पूल: वर्तमान में देश की 315 यूनिवर्सिटीज में 68,000 से अधिक छात्रों को आधुनिक टूल्स की मदद से चिप डिजाइनिंग की ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जिसे कॉलेज स्तर पर और व्यापक बनाया जाएगा.

यह योजना न केवल ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्रों की चिप जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भारत को दुनिया के सेमीकंडक्टर मैप पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी.