राजस्थान का रण: कर्ज के आंकड़ों पर वार-पलटवार और अर्थव्यवस्था का नया गणित

राजस्थान का रण: कर्ज के आंकड़ों पर वार-पलटवार और अर्थव्यवस्था का नया गणित

Thrust and Counter-thrust over Debt Figures

Thrust and Counter-thrust over Debt Figures

Rajasthan Politics: Thrust and Counter-thrust over Debt Figures, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार वित्तीय संकट पैदा कर दी है. उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार ने अपने पूरे 5 साल के कार्यकाल में ₹2.26 लाख करोड़ का कर्ज लिया था, वहीं वर्तमान भाजपा सरकार महज 3 साल में ही ₹2.22 लाख करोड़ का कर्ज लेने जा रही है. इसके जवाब में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा है कि राजस्थान में किसी प्रकार का वित्तीय संकट नहीं है और कांग्रेस सरकार के खिलाफ गलत आंकड़ों व भ्रामक जानकारी के जरिए दुष्प्रचार की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा कर्ज GSDP, SASCI योजना और केंद्रीय करों को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे वास्तविकता से परे हैं.

कांग्रेस शासन में बढ़ा कर्ज का बोझ

अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि वर्ष 2018-19 तक राज्य पर 3 लाख 11 हजार 374 करोड़ रुपये का कर्ज था. उदय योजना के तहत लिए गए 60 हजार 422 करोड़ रुपये के ऋण को घटाने पर राज्य गठन से वर्ष 2018-19 तक कुल 2 लाख 48 हजार 952 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था. इसके विपरीत कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच पांच वर्षों में 2 लाख 56 हजार 911 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेकर राज्य पर ऋण का बोझ बढ़ाया.

भाजपा शासन में जीएसडीपी वृद्धि दर में सुधार

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के पांच वर्षों में जीएसडीपी की औसत वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रही, जबकि भाजपा सरकार के आर्थिक सुधारों के बाद वर्ष 2024-25 और 2025-26 में यह औसत बढ़कर 8.7 प्रतिशत हो गई है. साथ ही वर्ष 2026-27 में राज्य का ऋण जीएसडीपी के 36.80 प्रतिशत तक रखने का प्रस्ताव है, जो एफआरबीएम की 38.20 प्रतिशत सीमा से कम है.

प्रति व्यक्ति आय में 21 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी

चतुर्वेदी ने कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 2 हजार 349 रुपये हो गई है, जबकि वर्ष 2023-24 में यह 1 लाख 67 हजार 27 रुपये थी. इस तरह प्रति व्यक्ति आय में 21.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

SASCI योजना में भाजपा सरकार को अधिक राशि

उन्होंने बताया कि पूंजी निवेश के लिए केंद्र की SASCI योजना में कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में 15 हजार 803 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए थे. वहीं वर्तमान भाजपा सरकार को वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान ही 19 हजार 600 करोड़ रुपये से अधिक राशि मिल चुकी है.

केंद्रीय करों में भी बढ़ी हिस्सेदारी

अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि वर्ष 2024-25 से 2026-27 के बीच राज्य को केंद्रीय करों में 2 लाख 51 हजार 934 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जबकि कांग्रेस शासन के शुरुआती तीन वर्षों में केवल 1 लाख 25 हजार 656 करोड़ रुपये मिले थे. उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के बावजूद कांग्रेस द्वारा राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है.