"सीकर मंदिर में चोरी: बीड़ी पीकर चोर ने तोड़ा गेट, चांदी के छत्र लेकर फरार"

"सीकर मंदिर में चोरी: बीड़ी पीकर चोर ने तोड़ा गेट, चांदी के छत्र लेकर फरार"

Thief Smokes Bidi

Thief Smokes Bidi, Breaks Gate, Flees with Silver Canopies

सीकर: Thief Smokes Bidi, Breaks Gate, Flees with Silver Canopies, सीकर के काल भैरव मंदिर में चोरी की एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। चोर ने वारदात से पहले मंदिर के बाहर बैठकर बीड़ी पी, फिर आराम से गेट तोड़कर चांदी के छत्र चोरी कर लिए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।

घटना रामलीला मैदान के पास व्हाइट हाउस गली स्थित मंदिर की है। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, रात लगभग 3:15 बजे एक युवक मुंह पर काला कपड़ा बांधे और हाथ में सरिया लेकर मंदिर के पास पहुंचता है। पहले वह मंदिर के बाहर बैठकर बीड़ी पीता है और आसपास का हाल देखता है। इसके बाद चोर सरिए से मंदिर का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश करता है और चांदी के छत्र लेकर फरार हो जाता है।

मंदिर के पुजारी गोविंद सुबह लगभग 4:15 बजे पूजा के लिए पहुंचे। उन्हें गेट खुला मिला और अंदर से चांदी के छत्र गायब थे। पुजारी ने तुरंत आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, जिसमें चोर की वारदात स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

चौंकाने वाली बात यह है कि मंदिर से महज 300–400 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी मौजूद है और इलाके में रात के समय नियमित गश्त भी होती है। इसके बावजूद चोर ने बिना किसी डर के वारदात को अंजाम दिया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में चूक और सीसीटीवी मॉनिटरिंग के बावजूद पुलिस गश्त का सही समय न होना ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है। पुजारी और स्थानीय लोग अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मंदिरों में सुरक्षा बढ़ाई जाए और उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

पुलिस ने आसपास के संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है और गली, दुकानों और आस-पास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी चोरी की घटनाएं रोकी जा सकें।