लखनऊ में रिश्तों की मर्यादा तार-तार: महिला पर लगा किशोर छात्र को नैनीताल ले जाकर शोषण और ₹10 लाख की वसूली का आरोप
The Sanctity of Relationships Shattered in Lucknow
लखनऊ। The Sanctity of Relationships Shattered in Lucknow, अवध की तहजीब को तार-तार करने का प्रकरण राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां की एक महिला पर 17 वर्षीय किशोर छात्र को बहाने से नैनीताल ले जाकर उसके साथ शारीरिक शोषण करने और फिर अश्लील वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की वसूली का आरोप लगा है। किशोर की मां ने आरोपी महिला के खिलाफ ठाकुरगंज थाने में वसूली, मारपीट, धमकी और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।
प्रकरण 17 फरवरी की है जब कक्षा नौ का छात्र घर से निकला और गायब हो गया। इतना ही नहीं उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया, जिससे परिवार में खलबली मच गई। परिवार के लोग किशोर की तलाश में निकले, तभी उसकी मां को पता चला कि बेटा ठाकुरगंज इलाके के कैंपबेल रोड पर एक दोस्त के घर आता-जाता था। दोस्त के घर पहुंचने पर पता चला कि बेटे को दोस्त की भाभी अपने साथ कहीं ले गई है।
दस लाख रुपये की मांग, वीडियो वायरल करने की धमकी
किशोर की मां ने इसकी जानकारी मिलने पर ठाकुरगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 फरवरी को किशोर को ढूंढ निकाला और परिवार को सौंप दिया। घर लौटने के बाद किशोर सहमा हुआ था और कुछ दिनों तक सामान्य व्यवहार नहीं कर पा रहा था। महिला ने किशोर से 10 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर वीडियो-फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
नैनीताल के होटल में शारीरिक शोषण
परिवारवालों के पूछताछ करने पर किशोर ने बताया कि दोस्त की भाभी उसे बहाना बनाकर नैनीताल ले गई थी। रास्ते में महिला ने उसके मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर तोड़ दिया था, ताकि कोई संपर्क न हो सके। नैनीताल के एक होटल में आरोपी महिला ने किशोर का कथित तौर पर शारीरिक शोषण किया और इसकी वीडियो तथा फोटो भी बना ली।
पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी
महिला ने कई अलग-अलग मोबाइल नंबरों से किशोर को मैसेज भेजकर बार-बार पैसे मांगे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला और किशोर के नैनीताल जाने की पुष्टि भी हुई है। मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। महिला की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन पुलिस उसे जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज इस मामले में बच्चे की सुरक्षा और डिजिटल सबूतों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।