सनातन की शक्ति और समरसता का उल्लास: गोरखपुर में सीएम योगी का 'रंगभरी' उद्घोष

सनातन की शक्ति और समरसता का उल्लास: गोरखपुर में सीएम योगी का 'रंगभरी' उद्घोष

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The power of Sanatan and the joy of harmony

नई दिल्ली/गोरखपुर। The power of Sanatan and the joy of harmony, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानवमात्र के जीवन में मर्यादा, जीवंतता भक्ति और समरसता ही सनातन धर्म की ताकत है।

इस परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्व की अनुभूति करनी चाहिए कि मर्यादा, शाश्वत चेतना की जीवंतता, भक्ति का उल्लास और समरसता का भान कराने वाले सभी प्रमुख विरासत स्थल इस प्रदेश में हैं।

सीएम योगी बुधवार को होली के पावन महापर्व पर घंटाघर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व श्री होलिकोत्सव समिति की ओर से निकलने वाली "भगवान नृसिंहकी रंगभरी शोभायात्रा" के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

सभी नागरिकों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत का संरक्षण कैसे होना चाहिए, यह आज भारत एहसास कर रहा है।

काशी में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में रामजन्म भूमि पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, महाकाल में महाकाल लोकधाम, केदारपुरी में भगवान केदारनाथ का भव्य धाम, बद्रीनाथ में भव्य स्वरूप लेता भगवान बद्री विशाल का धाम, सोमनाथ धाम, जगन्नाथ धाम, रामेश्वरपुरी के भव्य स्वरूप का आनंद भारत को अपने विरासत पर गौरव की अनुभूति कराता है। यह इसलिए संभव हो सका है कि भारत के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यशस्वी नेतृत्व है।

इस नेतृत्व में विरासत का संरक्षण हो रहा है साथ ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना भी साकार हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा है। यहां भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या अयोध्या हमें जीवन में मर्यादा का एहसास कराती है। महादेव की नगरी काशी जीवन की शाश्वत चेतना अर्थात जीवंतता का प्रतीक है।

भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा वृंदावन भक्ति के आनंद की धरा है। जबकि प्रयागराज में मां गंगा यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी समरसता का एहसास कराती है जहां बिना भेदभाव समाज के हर एक तबके के लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं।

यह उन लोगों के लिए एक सबक भी है जो प्रदेश में जातिवाद, भेदभाव और छुआछूत का शोर मचाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ क्षुद्र बुद्धि के लोगों ने समाज को कमजोर करने के लिए इस प्रकार के स्वांग रचे थे।

हमें भारत को मजबूत बनाने के लिए कार्य करने हैं, विकसित भारत की संकल्पना के साथ खुद को जोड़ना है। एक भारत श्रेष्ठ भारत के भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है।

सीएम योगी ने कहा कि इस वर्ष होली का पर्व हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इस वर्ष दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष है। यह ऐसा संगठन है जिसके सानिध्य में लाखों कार्यकर्ता भारत के सनातन धर्म की परंपरा और भारत की एकता व अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन होम किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अनुशासन का महत्व क्या होता है, यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सीखा जा सकता है। विजयादशमी से प्रारंभ हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन के कार्यक्रमों में, सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान करने के लिए हिंदू सम्मेलनों के अनुशासन की झलक सबने देखी।

इन कार्यक्रमों में समाज का हर एक तबका भागीदार बना लेकिन कहीं भी कोई और व्यवस्था नहीं हुई। कहीं कानून व्यवस्था के लिए संकट नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत माता को परम वैभव पर पहुंचने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे यशस्वी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सभी भारतवासियों को गौरव की अनुभूति होती है।

पूरी दुनिया में अशांति पर भारत में उत्साह उमंग और आनंद

सीएम योगी ने कहा कि होली का यह पर्व हम भारत में ऐसे समय में आयोजित कर रहे हैं जब पूरी दुनिया में अव्यवस्था, अशांति और अराजकता वातावरण है।

पर, भारत पीएम मोदी के यशस्वी नेतृत्व में उत्साह व उमंग के साथ इस पर्व का आनंद ले रहा है। कहीं कोई भय नहीं, कहीं अराजकता नहीं, कहीं अविश्वास नहीं। हरेक सत्यमेव जयते का भाव और जहां धर्म वहीं जय की गूंज। यह भाव हमारा सनातन वाक्य है और इसकी गूंज सर्वत्र हमें सुनाई दे रही है।

समरसता और राष्ट्रीयता का प्रतीक है गोरक्षपीठ : रमेश

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि 81 वर्ष पूर्व नानाजी देशमुख द्वारा गोरखपुर में शुरू की गई इस रंगभरी शोभायात्रा ने पूरे देश को व्यापक संदेश दिया है। इसमें गोरक्षपीठ की भी महत्वपूर्ण भागीदारी और भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ समरसता, आत्मीयता, राष्ट्रीयता और राष्ट्र भक्ति का प्रतीक है। रमेश जी ने कहा कि गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश का तीव्र विकास हो रहा है और इसमें गोरखपुर का विकास विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

मुख्यमंत्री ने उतारी भगवान नृसिंह की आरती, जमकर खेली होली

मंच से लोगों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएंदेने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान नृसिंह का पूजन कर विधि विधान से उनकी आरती उतारी। उन्हें नारियल, गुझिया के साथ फूल, रंग, अबीर, गुलाल अर्पित किया। भगवान नृसिंह की पूजा करने के बाद सीएम योगी पूरी तरह होलीयाना मूड में आ गए।

उन्होंने लोगों के ऊपर जमकर फूल की पंखुड़ियां, अबीर, गुलाल पंखुड़ियां उड़ाईं। देखते ही देखते योगी समेत समूचा जनमानस रंगों में सराबोर हो गया। इस दौरान जय श्रीराम और हर हर महादेव के नारों के बीच उत्सवी उमंग व उल्लास आसमान पर था।

इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास, अयोध्या से आए रामबालक दास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, आत्मा सिंह, दक्षिण भाग संघ चालक ओम जालान, अरुण प्रकाश मल्ल, होलिका उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज जालान आदि भी मौजूद रहे।