"विधायक ने पानी सूंघकर समस्या देखी, तुरंत सुधार कार्य शुरू कराया"

"विधायक ने पानी सूंघकर समस्या देखी, तुरंत सुधार कार्य शुरू कराया"

The MLA assessed the problem by smelling the water

The MLA assessed the problem by smelling the water

Rajasthan News: The MLA assessed the problem by smelling the water, गुलाबी नगरी जयपुर के सिविल लाइन्स इलाके से बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा का 'पानी सूंघकर वापस लौटाने वाला वीडियो' इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो पर लोग तरह-तरह से कमेंट्स कर रहे हैं, जिसके बाद विधायक ने 24 घंटे से भी कम समय में सुशीलपुरा में लाइन मरम्मत का काम शुरू करवा दिया है. बुधवार को वे जनता को आश्वासन देकर गए थे कि उनकी समस्या के बारे में संबंधित अधिकारियों से बातचीत करके समाधान कराएंगे, और गुरुवार को मजदूरों की टीम ने लीकेज वाली जगह को ढूंढ निकाला है.

'5 फीट के बजाय 1 फीट की गहराई पर राइजिंग लाइन'

सीवर जेटिंग मशीन के जरिए चल रहे सुधार कार्यों का जायजा लेते हुए विधायक ने कहा कि जनता की इस पीड़ा के पीछे भ्रष्टाचार की बड़ी भूमिका है. उन्होंने आरोप लगाया कि पानी की राइजिंग लाइन कायदे से 5 फीट गहरी खोदकर डाली जानी चाहिए थी, लेकिन इसे महज 1 फीट की गहराई पर ही छोड़ दिया गया है. सड़क के काम के चलते संभवतया यह राइजिंग लाइन पंचर हो गई और उसमें सीवर का गंदा पानी मिल गया. यह तस्वीर देखकर साफ है कि लाइन कम गहरी खोदकर भ्रष्टाचार किया गया है और इसी लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही है. 

'ये लोग मेरे हैं, मैं इनका हूं'

स्थानीय लोगों से भावनात्मक जुड़ाव दिखाते हुए बीजेपी विधायक शर्मा ने कहा, 'ये लोग मेरे हैं और मैं इनका हूं.' विधायक ने आश्वासन दिया कि समस्या दूर करना उनकी जिम्मेदारी है, हालांकि काम दुरुस्त होने में थोड़ा समय लग सकता है. उन्होंने ऐलान किया कि वे स्थिति देखने आज शाम को फिर यहां आएंगे.

जब विधायक को गिलास में दिया गया 'गंदा पानी'

बताते चलें कि विवाद की शुरुआत कल (1 अप्रैल) को हुई थी, जब सुशीलपुरा इलाके में नलों से सीवर जैसा बदबूदार पानी आने की शिकायत मिली. स्थानीय लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब विधायक गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे. महिलाओं और युवाओं ने भारी विरोध दर्ज कराया और एक युवक तो गिलास में गंदा पानी भरकर ले आया. विधायक से इसे पीने का आग्रह किया गया, जिसे विधायक ने सूंघकर वापस लौटा दिया था. इलाके में हालात इतने खराब हुए कि दूषित पानी पीने से कुछ बच्चे बीमार पड़ गए, जिसके बाद कल रात मेडिकल टीम को मौके पर भेजकर दवाइयां और जरूरी इलाज मुहैया कराना पड़ा.

खाचरियावास ने लगाए थे सड़क तोड़ने के आरोप

इस मामले ने उस वक्त राजनीतिक मोड़ ले लिया जब कल शाम पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास भी सुशीलपुरा पहुंचे. उन्होंने सड़क की खुदाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में यह सड़क नई बनी थी, तो इसे फिर से खोदने की जरूरत क्या थी? हालांकि फिलहाल, जलदाय विभाग और नगर निगम की टीमें फाल्ट को दुरुस्त करने में जुटी हैं.