ईरान-इजरायल युद्ध और गांधीवादी नीति: लखनऊ में बोले सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि—"जंग के बाद एक नई दुनिया का होगा उदय"
The Iran-Israel War and Gandhian Principles
लखनऊ। The Iran-Israel War and Gandhian Principles, ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डा. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने सोमवार को एक दुर्घटना का दृष्टांत देकर कहा कि ईरान के साथ युद्ध से दुनिया के तमाम देश तीन समूहों में बंट गए हैं। एक तो वो हैं जो खुश हैं। दरअसल वो हमारे विरोधी हैं। दूसरे लोग गमजदा हैं। वो सगे-संबंधी, शुभचिंतक हैं। तीसरे वो हैं जिन पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
डा. इलाही सोमवार शाम कैसरबाग के महमूदाबाद हाउस में आयोजित मजलिस में बोल रहे थे। डा. इलाही ने कहा कि 80 प्रतिशत लोग किसी घटनाक्रम के बारे में अपना नजरिया बना लेते हैं, वो ऐसा किसी सूचना के आधार पर करते हैं। अगर किसी मुल्क से 500 लोग आते हैं और 15 मिलियन आबादी पर कब्जा कर लेते हैं तो ये सूचना की लड़ाई होती है।
अमेरिका यही कर रहा है। इसके जरिये वो हुकूमत करने का प्रयास कर रहा है। वे चाहते हैं कि जिसको चाहें मार सकें और जिसको चाहें छोड़ दें। उन्होंने कहा कि हमें यकीन है कि इस जंग के बाद एक नई दुनिया आएगी। एक नई सुबह होगी।
राजा महमूदाबाद प्रो. अली खान महमूदाबादी ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अमर हो गए। वो डरे नहीं, डटे रहे। जब दुनिया हवस में जकड़ जाती है तो कुर्बानियों की जरूरत होती है। इसीलिए खामेनेई ने शहादत दी। आवश्यकता इस बात की है कि हम इस लायक बन सकें कि उनकी कुर्बानी की गवाही दे सकें। डा. अब्दुल मजीद हकीम इलाही इसके बाद बड़ा इमामबाड़ा पहुंचे। वहां भी मजलिस को संबोधित किया।
अमेरिका-इजरायल से युद्ध में गांधी नीति अपना रहा ईरान
डा. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि हमने महात्मा गांधी को पढ़ा है। जब भारत पर अंग्रेज अत्याचार कर रहे थे तो अनेक भारतीयों ने गांधी जी से मुकाबला करने के लिए कहा, लेकिन वह चुप रहे।
उन्होंने अपने साथियों से कहा कि अंग्रेजों के विरुद्ध देश के लोग को बताओ। जब भारत में बड़ी संख्या में लोग अंग्रेजों के खिलाफ हो गए तब गांधी जी ने मिलकर ब्रिटिश हुकूमत का विरोध किया। हमें गांधी की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका बहुत कुछ कह रहा है, लेकिन ईरान ने वही किया है जो उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई चाहते थे। ईरान अपने हक के लिए लड़ रहा है।