हरियाणा में स्कूली छात्रों का कारनामा, टैब के साफ्टवेयर का कर डाला आप्रेशन
हरियाणा में स्कूली छात्रों का कारनामा

हरियाणा में स्कूली छात्रों का कारनामा, टैब के साफ्टवेयर का कर डाला आप्रेशन

हरियाणा में स्कूली छात्रों का कारनामा, टैब के साफ्टवेयर का कर डाला आप्रेशन

कईयों से किया रिसैट, कर रहे मनोरंजन


चंडीगढ़। हरियाणा में बच्चों के लिए एक कहावत है कि वह किसी भी खिलौने का आप्रेशन बड़ी जल्दी करते हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति हरियाणा सरकार द्वारा पढ़ाई के लिए दिए गए टैब की हो गई है। प्रदेश में सैकड़ों बच्चों ने टैब में डाले साफ्टवेयर को क्रैक कर दिया है। कईयों ने उसे रीसैट करके अपने मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। हालात यह हैं कि बहुत से बच्चों ने तो साफ्टवेयर से जुड़े लिंक यू-टयूब पर भी अपलोड कर दिए हैं।
हरियाणा सरकार ने बीती पांच मई को रोहतक से प्रदेशव्यापी योजना की शुरूआत करके स्कूली बच्चों को टैब देने शुरू किए थे। पहले चरण में दसवीं और 12वीं कक्षा में पढऩे वाले बच्चों को टैब वितरित होने शुरू हो गए थे। सरकार द्वारा पांच लाख बच्चों को टैबलेट देने की योजना है। इसके तहत टैबलेट सभी जिलों के डाइट सेंटरों से स्कूल पहुंचे और अब बच्चों के हाथ में हैं।
कुछ टैबलेट अभी भी सिम प्रॉब्लम के कारण चालू नहीं हुए हैं। मगर अधिकतर काम करने लग गए हैं। कुछ शरारती टाइप बच्चों ने टैबलेट हाथ में आते ही सॉफ्टवेयर को क्रैक करके रिसेट कर दिया। टैबलेट का सॉफ्टवेयर एमडीएम (मोबाइल डिवाइज मैनेजमेंट) कंपनी द्वारा तैयार किया गया है। इसमें पहले एक रिसेट का ऑप्शन था।
हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु का कहना है कि टैबलेट वितरण की योजना जल्दबाजी में तैयार की गई योजना है। जिसमें अधिकारियों ने न केवल बिना सोचे-समझे वितरण व्यवस्था तैयार की बल्कि सॉफ्टवेयर से जुड़ी बारिकियों को भी अच्छे से नहीं जांचा। यही वजह है कि बच्चों ने इसी जल्दबाजी से जुड़ी लापरवाही का फायदा उठाते हुए टैबलेट को अपने मनोरंजन के लिए रिसेट कर दिया। इससे पहले भी विभाग द्वारा अनेक महंगे-महंगे सॉफ्टवेयर (चॉकलेट, अवसर, दीक्षा) खरीदे गए हैं, जो दिखावे के लिए तो चलन में हैं, लेकिन वे ठीक प्रकार से काम नहीं कर रहे हैं। 
अब बच्चों द्वारा साफ्टवेयर क्रैक किए जाने का मामला संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में कंपनी की मदद से टैबलेट से रिसेट का ऑप्शन हटवाया है। अब टैबलेट पहले जैसे हो गए हैं। विभाग द्वारा सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी के माध्यम से टैबलेट के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट कर दिया गया है। साथ ही टैबलेट से रिसेट का ऑप्शन हटा दिया गया है ताकि बच्चे टैबलेट का गलत इस्तेमाल न कर सकें।