पफ्टा द्वारा अमा डबलाम चोटी फतह करने वाली पहली पंजाबी महिला सुखी बल्ल सम्मानित

पफ्टा द्वारा अमा डबलाम चोटी फतह करने वाली पहली पंजाबी महिला सुखी बल्ल सम्मानित

Punjabi Woman to summit Ama Dablam

Punjabi Woman to summit Ama Dablam

हिम्मत और हौसले से हर मंजिल हासिल की जा सकती है : बिन्नू ढिल्लों

अब मेरा अगला लक्ष्य माउंट एवरेस्ट फतह करना है : सुखी बल्ल

मोहाली, 7 मई: Punjabi Woman to summit Ama Dablam: पंजाबी फिल्म एंड टीवी एक्टर्स एसोसिएशन (पफ्टा) द्वारा यहां आयोजित एक प्रभावशाली समारोह में दुनिया की सबसे कठिन चोटियों में से एक माउंट अमा डबलाम (6812 मीटर) फतह करने वाली पहली पंजाबी महिला सुखी बल्ल को सम्मानित किया गया।

प्रसिद्ध अभिनेता बिन्नू ढिल्लों ने अपने संबोधन में कहा कि हिम्मत और हौसले से हर मंजिल हासिल की जा सकती है, जिसकी जीवंत मिसाल सुखी बल्ल हैं। पेशेवर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ पर्वतारोहण जैसे कठिन शौक को निभाना आसान नहीं होता। सुखी बल्ल पूरे पंजाबी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

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सुखी बल्ल ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि नेपाल की इस तकनीकी चोटी को फतह करते समय उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लेंगी, क्योंकि यह सफर बेहद कठिन और चुनौतियों से भरा हुआ था। लेकिन अब इस चोटी को फतह करने के बाद उन्हें माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें यह भी जानकारी नहीं थी कि वह इस चोटी को फतह करने वाली पहली पंजाबी महिला हैं, लेकिन बाद में नेपाल सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए रिकॉर्ड से इसकी जानकारी मिली।

अभिनेता और गायक करमजीत अनमोल ने अपने गीतों के माध्यम से समां बांधा और बेटियों को ऐसे अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रकाश गाधू, भारत भूषण वर्मा और कंवलजीत प्रिंस ने अपने संबोधन में सुखी बल्ल के हौसले और उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुखी गिद्धा कलाकार और अभिनेत्री होने के कारण पफ्टा को उन पर विशेष गर्व है।

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अभिनेत्री मोहणी तूर ने अपनी मुक्त कविता के माध्यम से सुखी बल्ल को शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ अभिनेता शविंदर माहल और गीतकार शमशेर संधू ने कहा कि आज हमारी बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खेल लेखक नवदीप सिंह गिल ने सुखी बल्ल और पफ्टा को बधाई देते हुए पंजाबी यूनिवर्सिटी के दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि अमा डबलाम एक बेहद कठिन चोटी है, जिसे फतह करना आसान नहीं होता।

कवि और पत्रकार दीपक चनारथल ने पफ्टा के ऐसे आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था हमेशा अपने दायरे को व्यापक बनाते हुए प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करती है। कार्यक्रम का संचालन मलकीत मलकीत रौणी ने किया और सुखी बल्ल के संघर्षपूर्ण सफर तथा पफ्टा के कार्यों पर प्रकाश डाला।

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गुरप्रीत कौर भंगू, निर्देशक जनजोत सिंह, दर्शन औलख, लेखक जस ग्रेवाल और सीमा कौशल ने भी अपने संबोधन में सुखी बल्ल को बधाई दी।

सुखी बल्ल के सम्मान समारोह के साथ-साथ यह कार्यक्रम एक शानदार मिलन समारोह भी साबित हुआ, जिसमें अन्य लोगों के अलावा डॉ. रणजीत शर्मा, परमजीत भंगू, विनोद शर्मा, प्रभ ग्रेवाल, पूनम सूद, अक्षितां, अनीता सबदीश, संगीता गुप्ता, कुलवीर विरक, नवदीप कलेर, दीदार गिल, बनिंदर बन्नी, रतन औलख, सिमरन सहजपाल, तरसेम पोल, हरविंदर औजला, इक्कतर सिंह, सिकंदर सलीम, दविंदर सिंह डैवी, मनप्रीत हांस और उमेश कोहली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।