शिमला में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री सुक्खू का स्पष्ट संदेश
Strict Action Against Corruption in Shimla
शिमला। Strict Action Against Corruption in Shimla, प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देश पर ऐसे अधिकारियों को अहम सरकारी पदों से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल आश्वासन देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने दो टूक कहा कि जिन अधिकारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध पाई गई है, उन्हें संवेदनशील पदों पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसी के तहत ओडीआई श्रेणी में आने वाले अधिकारियों को चिह्नित कर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।
सूची तैयार करने के निर्देश
सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभागों को ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में नियुक्तियों और पदस्थापन में सत्यनिष्ठा को प्रमुख मानदंड बनाया जाएगा।
...तो भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार का यह कदम प्रशासनिक सख्ती का संकेत है और इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से और अधिक पारदर्शिता की मांग कर सकता है। सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई करने पर अफसरशाही सहित कर्मचारियों में बड़े सुधार की संभावना है।
नौकरशाही में हलचल तेज
सरकार के इस फैसले से नौकरशाही में हलचल तेज हो गई है और आने वाले समय में और भी कड़े कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष से हाथ मिलाने पहुंचे सीएम
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से मिलने उनकी सीट पर पहुंचे। दोनों ने मुस्कुरा कर एक दूसरे का अभिवादन किया। दोनें नेता काफी गर्मजोशी से मिले।