सहरसा के किराना दुकानदार के तीन बच्चों ने रचा इतिहास, एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों ने पास की NEET परीक्षा
NEET Exam Result
सहरसा (बिहार): NEET Exam Result: बिहार के सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तुलसियाही गाँव के एक साधारण परिवार के तीन बच्चों ने, असाधारण सफलता हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। गाँव के किराना दुकानदार रोहित कुमार के दो बेटे और एक बेटी ने NEET-UG परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। तीनों भाई-बहनों ने बिना किसी बड़े महानगर में गए, सहरसा में रह कर स्थानीय कोचिंग और सेल्फ स्टडी के दम पर यह उपलब्धि हासिल की। इन तीनों बच्चों ने सहरसा के प्रगति क्लासेज कोचिंग सेंटर के माध्यम से नीट की तैयारी की थी । सहरसा जैसे रिमोट इलाके में प्रगति क्लासेज ने एक नया आयाम लिखा है । नंदन और चंदन नाम के दो युवा ने, बड़ी नौकरी छोड़ कर और अपनी पुश्तैनी जमीन बेच कर वर्ष 2014 में कोचिंग संस्थान की शुरुआत की थी । आज एक दशक से अधिक हो गए है और इस संस्थान से अभी तक सैकड़ों बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है ।

इस बार नीट में दो दर्जन से अधिक बच्चों ने इस कोचिंग से पढ़ाई कर के यह सफलता पाई है । सच में कोटा, चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई और सूबे की राजधानी पटना की जगह कोशी इलाके में प्रगति क्लासेज मिल का पत्थर साबित हो रहा है। प्रगति क्लासेज के डाईरेक्टर चंदन कुमार ने कहा कि इस सफलता से वे दोनों भाई भी बेहद खुश हैं। लेकिन आगे उन दोनों भाईयों को यूपीएससी, बीपीएससी और पुलिस सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में, कोशी इलाके के बच्चे और बच्चियों को बड़ी सँख्या में कामयाब बनाना है। अभी बहुत मेहनत करनी है और शिक्षा के क्षेत्र में सहरसा का नाम भी, देश स्तर पर स्थापित करना है। तीनों में सबसे बड़े भाई रजनीश कुमार ने 720 में से 633 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3122 और ओबीसी रैंक 1173 हासिल की।

वहीं, बहन साक्षी कुमारी ने 601 अंक के साथ AIR 9762 और ओबीसी रैंक 4340 प्राप्त की। सबसे छोटे भाई प्रहलाद कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में 565 अंक हासिल कर AIR 26751 और ओबीसी रैंक 12878 प्राप्त किये। तीनों भाई-बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गाँव के विद्यालय से पूरी की। रजनीश और साक्षी ने सीबीएसई से मैट्रिक तथा बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट किया, जबकि प्रह्लाद ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट दोनों बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण किया है। पिता रोहित कुमार गाँव में छोटा सा किराना दुकान चला कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद, उन्होंने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। माँ पूनम देवी ने बच्चों की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि उनके बच्चे मेहनत के बल पर, एक दिन परिवार और जिले का नाम रोशन करेंगे। पहले ही प्रयास में सफलता पाने वाले प्रहलाद कुमार ने, परीक्षा परिणाम समय पर जारी करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सराहना की और कहा कि इससे छात्रों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
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उनका सपना भविष्य में एक कुशल ऑर्थोपेडिक सर्जन बन कर समाज की सेवा करना है। साक्षी कुमारी ने बताया कि उन्होंने सहरसा में रह कर ही, स्थानीय प्रगति क्लासेज कोचिंग में गुरुजनों के गाईडलाईन्स पर नियमित पढ़ाई की और यह सफलता हासिल की। उनका लक्ष्य बाल रोग विशेषज्ञ (चाईल्ड स्पेशलिस्ट) बन कर गरीब और जरूरतमंद बच्चों की सेवा करना है। सब से बड़े भाई रजनीश कुमार ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आर्थिक कठिनाईयाँ सफलता की राह में बाधा नहीं बनती हैं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत और आत्मविश्वास बना रहे तो किसी भी मुकाम तक पहुँचा जा सकता है। तीनों भाई-बहनों की इस ऐतिहासिक सफलता पर तुलसियाही गाँव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने रोहित कुमार के घर पर पहुँच कर तीनों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।