राजौरी में बाढ़ से भारी तबाही, बेला बस अड्डे पर 250 से अधिक वाहन बहे, महिला की मौत

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Massive devastation caused by floods in Rajouri

राजौरी। Massive devastation caused by floods in Rajouri, जम्मू-कश्मीर (Rajouri Floods) में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते 24 घंटों के दौरान हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण जम्मू संभाग और कश्मीर घाटी के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सबसे गंभीर स्थिति राजौरी जिले में देखने को मिली, जहां उफनती दरहाली नदी और तेज बहाव वाले नालों ने भारी तबाही मचाई।

जिले के बेला क्षेत्र स्थित बस अड्डा पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पानी के तेज बहाव में समा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार बस अड्डे पर खड़े 200 से 250 से अधिक वाहन बाढ़ के पानी में बह गए, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

रविवार तड़के से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने कुछ ही घंटों में राजौरी शहर और आसपास के इलाकों का स्वरूप बदल दिया। दरहाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया। नदी के किनारे स्थित बेला बस अड्डा सबसे पहले बाढ़ की चपेट में आया।

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देखते ही देखते बस अड्डे का अधिकांश हिस्सा पानी में समा गया और वहां खड़ी बसें, टैक्सियां, निजी कारें, मिनी बसें तथा अन्य वाहन तेज बहाव में बहने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दर्जनों वाहन पानी में बहते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें देखकर लोगों में दहशत का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि किसी को भी वाहन सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अवसर नहीं मिला। कई वाहन चालक अपने वाहनों को बचाने के लिए पहुंचे, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें नदी के पास जाने से रोक दिया। लोगों का कहना है कि बेला बस अड्डा अब पूरी तरह नष्ट हो चुका है और वहां केवल मलबा तथा पानी ही दिखाई दे रहा है।

इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक दुखद घटना भी सामने आई। राजौरी शहर के निकट झुग्गी बस्ती में रहने वाली पिंकी देवी, पत्नी बबलू, बाढ़ के तेज बहाव में बह गईं। प्रारंभ में उनका कोई सुराग नहीं मिला, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई।

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बाद में जब पानी का स्तर कुछ कम हुआ तो राहत एवं बचाव दल ने मलबे के बीच से उनका शव बरामद किया। महिला की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया।

बाढ़ के कारण राजौरी के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। अनेक घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी घुसने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। खेतों में खड़ी फसलें भी जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई ग्रामीण संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कुछ स्थानों पर सड़कें बह जाने के कारण यातायात बाधित हो गया है।

राजौरी में प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। कई स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण, नदी-नालों के किनारे अतिक्रमण और जल निकासी व्यवस्था की कमी के कारण हर वर्ष भारी बारिश के दौरान नुकसान और अधिक बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बेला बस अड्डे सहित संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी बाढ़ सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

फिलहाल पूरे राजौरी जिले में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। लोग मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभागों से संपर्क करने की अपील की है।