यानिक सिनर ने फिर जीता विंबलडन, ज्वेरेव को हराकर लगातार दूसरी बार बने चैंपियन
Wimbledon 2026 Champion Jannik Sinner
Wimbledon 2026 Champion Jannik Sinner: मौजूदा चैंपियन जैनिक सिनर ने रविवार (12 जुलाई) को सेंटर कोर्ट पर हुए शानदार फाइनल में फ्रेंच ओपन चैंपियन एलेक्जेंडर ज्वेरेव को मात देकर एक बार फिर विंबलडन चैंपियन बन गए. उन्होंने तीन घंटे 46 मिनट तक चले जबरदस्त फानल में ज्वेरेव को 6-7(7), 7-6, 6-3, 6-4 से हराकर अपना विंबलडन खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा.
यह सिनर का लगातार दूसरा खिताब है और उनके करियर की पांचवीं ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी है. 24 वर्षीय खिलाड़ी ने जर्मन खिलाड़ी पर अपना शानदार दबदबा बनाए रखा और ज्वेरेव के खिलाफ लगातार 10वीं जीत हासिल की. हालांकि, उनके खिलाफ लगातार 14 सेट जीतने का उनका सिलसिला तब टूटा जब वह पहला सेट टाई-ब्रेक में हार गए.
29 वर्षीय ज्वेरेव लगातार दूसरा बड़ा खिताब जीतने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी ने उन्हें एक बार फिर रोक दिया. कड़े मुकाबले वाले पहले सेट का टाई-ब्रेक मामूली अंतर से हारने के बाद, इतालवी खिलाड़ी ने जबरदस्त संयम दिखाते हुए दूसरे सेट का टाई-ब्रेक जीता और फिर मैच पर पूरी तरह से अपना नियंत्रण बना लिया.
इस जीत के साथ सिनर ने अपना दूसरा विंबलडन खिताब जीता और खेल के बड़े सितारों में अपनी जगह और पक्की कर ली. वहीं, टेनिस के सबसे बड़े मंचों में से एक पर ज्वेरेव की जबरदस्त कोशिश के बावजूद उनका पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का इंतजार जारी है.
यह ट्रॉफी बहुत खास है: जैनिक सिनर
जैनिक सिनर ने अपनी इस जीत के महत्व पर जोर दिया और कहा कि हर मेजर टूर्नामेंट अलग होता है, लेकिन विंबलडन की इस जीत का मजा ही कुछ और है. जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिनर ने कहा, 'मुझे लगता है कि हर ग्रैंड स्लैम अलग होता है. अलग कहानी, अलग माहौल, टूर्नामेंट से पहले अलग भावनाएं. मेरे लिए यह जीत बहुत मायने रखती है क्योंकि पेरिस के बाद यह एक मुश्किल चुनौती थी. पिछला साल भी मुश्किल था.'
उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन यहां आकर, मैंने खुद को सबसे अच्छी स्थिति में लाने की कोशिश की ताकि मैं पूरी तरह से मुकाबला कर सकूं. निश्चित रूप से, इस स्थिति तक पहुंचने के लिए मैंने अपना बहुत सारा समय और सब कुछ दांव पर लगाया. यह उपलब्धि मेरे लिए बहुत मायने रखती है. आज का दिन शानदार रहा.'
विमेंस में लिंडा नोस्कोवा ने जीता खिताब
चेक रिपब्लिक की लिंडा नोस्कोवा ने महिला सिंगल्स फाइनल में अपनी ही देश की कैरोलिना मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता. 21 साल की नोस्कोवा 2011 में पेट्रा क्वितोवा के बाद सबसे कम उम्र की विंबलडन चैंपियन बनीं. क्वितोवा भी 21 साल की उम्र में विंबलडन चैंपियन बनी थीं. साथ ही, 2003 के बाद यह पहली बार है जब 21 साल या उससे कम उम्र के खिलाड़ियों ने एक ही साल में रोलैंड गैरोस और विंबलडन दोनों जीते हैं. इससे पहले 19 साल की मीरा एंड्रीवा ने फ्रेंच ओपन जीता था.
विंबलडन 2026 की ईनामी राशी
विंबलडन 2026 चैंपियनशिप में कुल £64.2 मिलियन (821 करोड़ रुपये) का रिकॉर्ड-तोड़ प्राइज फंड रखा गया है, जिसमें पुरुष और महिला सिंगल्स चैंपियन में से हर एक को £3.6 मिलियन (लगभग ₹46.09 करोड़ रुपये) जबकि रनर-अप को £1.85 मिलियन (करीब ₹23.7 करोड़ रुपये) मिलेंगे. सिंगल्स चैंपियन को मिलने वाली यह राशि पिछले साल की तुलना में 20% ज्यादा है. नीचे पुरुषों और महिलाओं के सिंगल्स ड्रॉ के लिए राउंड-दर-राउंड प्राइज मनी का ब्योरा दिया गया है.
- चैंपियन: £3,600,000 (लगभग ₹46.09 करोड़)
- रनर-अप: £1,800,000 (लगभग ₹23.7 करोड़)
- सेमी-फाइनलिस्ट: £900,000 (लगभग 11 करोड़ 52 हजार)
- क्वार्टर-फाइनलिस्ट: £480,000 (लगभग 6 करोड़ 14 हजार)
- राउंड ऑफ 16: £300,000 (लगभग 3 करोड़ 84 हजार)
- राउंड ऑफ 32: £185,000 (लगभग 2 करोड़ 76 हजार)
- राउंड ऑफ 64: £126,000 (लगभग 1 करोड़ 61 हजार)
- राउंड ऑफ 128: £80,000 (लगभग 1 करोड़)