यूपी के स्टूडेंट के बैंक खातों में आज आएगी छात्रवृत्ति-शुल्क प्रतिपूर्ति, सीएम योगी ट्रांसफर करेंगे 3350 करोड़

यूपी के स्टूडेंट के बैंक खातों में आज आएगी छात्रवृत्ति-शुल्क प्रतिपूर्ति, सीएम योगी ट्रांसफर करेंगे 3350 करोड़

Scholarships and Fee Reimbursements to be Credited

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Scholarships and Fee Reimbursements to be Credited: उत्तर प्रदेश के 27,99,982 छात्रों के लिए सोमवार का दिन बेहद खास है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के 3350 करोड़ रुपये विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। कार्यक्रम लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा। वहीं, इसके पहले सोमवार की सुबह लखनऊ के लोकभवन सभागार में भी एक बड़ा और महत्वपूर्ण कार्यक्रम होने जा रहा है। इसमें सीएम योगी बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की महिला सशक्तीकरण, बाल विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने वाली कई बड़ी पहल का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन भी वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 69,794 कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ हो जाएगा।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले कार्यक्रम के बारे में बताते हुए उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि इस अवसर पर कक्षा 9-10 और उसके ऊपर की कक्षाओं के 27,99,982 विद्यार्थियों के बैंक खातों में लगभग 3350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि आंतरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि लाभान्वित छात्रों में अनुसूचित जाति के 6,68,707 विद्यार्थियों को 467.94 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 4,95,793 विद्यार्थियों को 779.10 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के 13,52,357 विद्यार्थियों को 1838.59 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के 2,75,889 विद्यार्थियों को 252.76 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति के 7,236 विद्यार्थियों को 11.61 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 65,05,151 लाभार्थियों को 4735.04 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रणाली का ऑटोमेशन किया जा रहा है और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है।