सीएम सुक्खू का केंद्र पर प्रहार: "राजस्व घाटा अनुदान खैरात नहीं, हिमाचल का संवैधानिक अधिकार है"
"Revenue Deficit Grant Is Not Alms, It Is Himachal's Constitutional Right"
मंडी : "Revenue Deficit Grant Is Not Alms, It Is Himachal's Constitutional Right", मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को अचानक बंद किए जाने पर कड़ी आपत्ति और गहरी चिंता व्यक्त की है। रविवार को मंडी में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री ने केंद्र के इस कदम को राज्य की वित्तीय स्वायत्तता और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार करार दिया। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि हिमाचल प्रदेश को यह अनुदान संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिल रहा था। उन्होंने कहा कि यह ग्रांट कोई खैरात नहीं है, बल्कि राज्य का संवैधानिक अधिकार है। वर्ष 1952 से शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत पिछले 73 वर्षों से हिमाचल प्रदेश को यह ग्रांट निरंतर मिल रही थी। इसे अचानक बंद करना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर सकता है।
जनता के सामने रखीं राज्य सरकार की उपलब्धियां
बता दें कि मुख्यमंत्री रविवार को मंडी दौरे पर थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया की उपस्थिति में कांगणीधार में 152 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक ज्यूडीशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। शिलान्यास समारोह के उपरांत कांगणीधार स्थित संस्कृति सदन में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र पर यह निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की कई अहम उपलब्धियां भी जनता के सामने रखीं।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी रखें ध्यान
विधिक साक्षरता शिविर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेदकर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने आम जनता को संदेश देते हुए कहा कि यदि हम अपने मौलिक अधिकारों का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो हमें अपने मौलिक कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पालन करना होगा।
आम जनता को मिलेगा सुलभ न्याय
न्यायपालिका और विधिक साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि मंडी में बनने वाले अत्याधुनिक कोर्ट कॉम्प्लैक्स से न्यायिक प्रक्रिया में भारी तेजी आएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस नए ढांचे से दूरदराज से आने वाली आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सकेगा।