राजस्थान: तीन सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी, वोटिंग की जरूरत नहीं

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Rajasthan: Nomination process for Rajya Sabha elections

Rajasthan: Nomination process for Rajya Sabha elections, राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की मियाद खत्म हो गई है. राजस्थान में तीन सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव के लिए तीन नामांकन प्रक्रिया भी पूरी हो गई है. नामांकन के आखिरी दिन तक तीन सीटों के लिए केवल तीन उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया है. जिसमें बीजेपी की ओर से सतिश पूनिया और अलका गुर्जर ने नामांकन करवाया है. जबकि कांग्रेस की ओर से नीरज डांगी ने नामांकन दर्ज करवाया है. ऐसे में चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है कि ये तीन राजस्थान से राज्यसभा सदस्य चुने जाएंगे, जिसके लिए वोटिंग करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के लिए क्या है नंबर गेम

राजस्थान में 200 विधानसभा सीट है. ऐसे में राज्यसभा चुनाव के लिए एक उम्मीदवार के लिए जादुई आंकड़ा 51 वोट है. प्रदेश में बीजेपी के पास 118 सीट है जबकि कांग्रेस के पास 66 सीट हैं. जबकि अन्य पार्टियों के 16 सीट हैं. ऐसे में राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी के पास दो सीट के लिए और कांग्रेस 1 सीट के लिए आंकड़ा है. अगर बीजेपी के पास तीसरी सीट के लिए आंकड़ा होता तो निश्चित तौर पर राज्यसभा चुनाव दिलचस्प खेल हो सकता है. लेकिन आंकड़ों के अनुसार वोटिंग की जरूरत नहीं दिख रही है.

अलका ने दो पूनिया ने 4 और डांगी ने भरे नामांकन के तीन सेट

कांग्रेस प्रत्याशी नीरज डांगी ने तीन सेट नामांकन पत्र दाखिल किए हैं. वहीं भाजपा प्रत्याशी अलका गुर्जर ने दो और डॉ सतीश पूनिया ने चार सेट में नॉमिनेशन फॉर्म दाखिल किए हैं. निर्वाचन अधिकारी भारत भूषण शर्मा को आज बीजेपी के दोनों प्रत्याशियों ने फॉर्म सौंपे. इस तरह तीनों प्रत्याशियों की तरफ से कुल नौ नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगी. नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून तय है. महाजन ने बताया कि यदि जांच में सभी नामांकन वैध पाए जाते हैं और कोई नाम वापस नहीं लिया जाता है, तो 11 जून को ही तीनों प्रत्याशियों के निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी.

18 जून को मतदान की तारीख तय थी, लेकिन तीन सीटों के मुकाबले केवल तीन उम्मीदवार होने के कारण वोटिंग कराने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.