गढ़वा में ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ की स्थिति पर सवाल, लाभुक महिलाओं को हो रही परेशानी
Questions Raised Over the Status of the ‘Mukhyamantri Maiyan Samman Yojana
गढ़वा। Questions Raised Over the Status of the ‘Mukhyamantri Maiyan Samman Yojana, झारखंड के गढ़वा जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (JMMSY) का गजब हाल है। यदि किसी लाभुक महिला का 50 वर्ष पूरा होता है, तो त्वरित गति से उसका नाम योजना से हटा दिया जा रहा है।
वहीं, अगर नए लाभुक का नाम योजना से जोड़ना है तो वह जुड़ नहीं पा रहा है। बहुत सारी महिलाएं अपना नया नाम जुड़वाने के लिए इधर-उधर भटक रही हैं तथा कार्यालयों का चक्कर काट रही हैं, मगर उनका नाम नहीं जुड़ पा रहा है।
21 से 28 नवंबर 2025 के बीच आयोजित सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में करीब 45 हजार महिलाओं ने गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र समेत विभिन्न प्रखंडों में लगे शिविर में Maiya Samman Yojana में नाम जोड़ने लिए आवेदन लिए गए थे, मगर अभी तक उक्त आवेदन ठंडे बस्ते में पड़े हुए हैं। इन आवेदनों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई और ना ही इससे संबंधित डाटा ही इंट्री किया गया।
जानकारी के अनुसार, गढ़वा जिले में वर्तमान में 2.21 लाख महिलाओं को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिल रहा है। योजना में नाम जोड़ने और त्रुटि सुधार के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं प्रखंड से लेकर जिला कार्यालय तक चक्कर लगा रही हैं।पोर्टल बंद रहने के कारण न तो नए लाभुक जुड़ पा रहे हैं और न ही पहले से दर्ज नामों में सुधार हो पा रहा है।
डेढ़ साल से नहीं जुड़े नए नाम
जानकारी के अनुसार, अगस्त 2024 में योजना शुरू होने के बाद अक्तूबर 2024 तक 2.35 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपये दिये गए थे। विधानसभा चुनाव के बाद यह राशि बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई।
इसके बाद पिछले करीब 18 महीनों से एक भी नए लाभुक का नाम योजना में नहीं जोड़ा गया है। इसके विपरीत अभी तक विभिन्न कारणों से करीब 14 हजार महिलाओं के नाम योजना से हटा दिए गए हैं।
केवाइसी और अन्य कारणों महिलाओं के नाम हटाए जा चुके हैं। जून 2025 में लाभुकों की संख्या 2,27,976 थी, जो घटकर मार्च 2026 में 2,21,101 रह गई है।
मालूम हो कि झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए शुरू की गई है। इसके तहत 18 से 50 वर्ष की पात्र महिलाओं को पहले हर महीने 1000 रुपए दिये जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया।
यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाती है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए लागू है।