शॉकिंग! 8 साल के बच्चे की हार्ट अटैक से मौत; छत पर पतंग उड़ा रहा था, अचानक बेचैन हुआ और फिर थम गई जिंदगी का कहानी
Punjab Firozpur 8 Years Child Heart Attack Death News Update
Ferozepur Child Heart Attack: अब स्थिति वाकई बेहद डरावनी है। जवान और बूढ़े तो छोड़िए, बच्चों की भी हार्ट अटैक से जान जा रही है। पंजाब के फिरोजपुर से सामने आए एक मामले ने दिल और दिमाग दहला दिया है। हैरानी की बात है की यहां 8 साल के एक बच्चे को अचानक हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। एक पल में ही उसकी जिंदगी का सफर हमेशा-हमेशा के लिए थम गया। यह बच्चा दूसरी क्लास का स्टूडेंट था। अभी तो उसे पूरी दुनिया देखनी थी। लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। वहीं बच्चे की मौत से जहां परिवार में कोहराम मचा हुआ है तो वहीं डॉक्टर भी इस मामले से हैरान रह गए हैं।
छत पर पतंग उड़ा रहा था
बच्चे का नाम मनमीत शर्मा बताया जाता है। मिली जानकारी के अनुसार मनमीत स्कूल की छुट्टियों के चलते अपने नाना के घर पर था। जिस वक्त मनमीत के साथ यह घटना हुई, उस दौरान वह घर की छत पर बच्चों के साथ पतंग उड़ा रहा था। इसी बीच मनमीत को अचानक से घबराहट और बेचैनी हुई। उसे तेज पसीना आया. पहले तो खेल-खेल में वह कुछ देर के लिए छत पर बैठ गया और कुछ देर बाद फिर से खेलने लगा लेकिन इसके बाद वह अचानक से जमीन पर गिर पड़ा और इसके बाद उठा नहीं। देखते ही देखते वह बेसुध हो गया। वहीं परिजनों को जब जानकारी हुई तो वह आनन-फानन में छत पर पहुंचे और मनमीत को बेसुध अवस्था में नीचे लाया गया।
मासूम मनमीत शर्मा

अस्पताल लेकर भागे परिजन
बताया जाता है कि मनमीत का शरीर ठंडा पड़ता जा रहा था। परिजन पहले उसे एक नजदीकी क्लीनिक लेकर गए। लेकिन यहां से डॉक्टरों ने मनमीत को बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं अस्पताल पहुँचने पर मनमीत को इमरजेंसी में देखा गया। यहां उसे सीपीआर और अन्य सहायक दवाइयां देकर बचाने की कोशिश की गई। शुरुवात में कुछ सुधार दिखा लेकिन कुछ देर बाद मनमीत की मौत हो गई। उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने बच्चे को साइंलेंट हार्ट अटैक आने की बात कही है। जिसके चलते अचानक उसकी मौत हो गई।
हालांकि इतनी कम उम्र में ऐसा होना मेडिकल दृष्टि से बेहद दुर्लभ है। इसीलिए इस मामले से डॉक्टर भी चौंक गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि, ये मामला सामने आने के बाद यह गहन जांच का विषय कि कम उम्र के बच्चों में ऐसी अंदरूनी समस्याएं सामने कैसे आ रही हैं। क्या बिना स्वास्थ्य समस्या के ऐसे अचानक मौत हो सकती है? इस मामले को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि पूरी स्थिति विस्तृत मेडिकल जांच का विषय है। ब उसकी मेडिकल हिस्ट्री भी इस पर निर्भर करती है। क्या बच्चे को पहले से दिल की बीमारी थी और परिजनों को पता नहीं था? इसके अलावा बच्चे को हार्ट अटैक आने के कई और संभावित कारण भी हो सकते हैं।
पता नहीं कब कौन दुनिया को अलविदा कह दे
फिलहाल इस मामले ने सबको डरा दिया है। इस मामले ने एक बार फिर से युवाओं और बच्चों में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों क बढ़ती संख्या को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले भी कुछ बच्चों में हार्ट अटैक से मौत के मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा पिछले कुछ महीनों के भीतर ही कई नौजवान हार्ट अटैक के चलते अचानक मौत की भेंट चढ़ चुके हैं। वाकई अब बड़ी भयानक स्थिति है। दिन पर दिन अचानक मौत के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। अब तो ऐसा लगने लगा है कि पता नहीं अगला नंबर किसका आ जाए और वह चलते-फिरते दुनिया को अलविदा कह दे। इस ओर सरकार और जो भी मेडिकल एक्सपर्ट हैं, उन्हें चेतना चाहिए।
कोरोना के बाद जिंदगी पर गहराया मौत का साया!
खासकर कोरोना के बाद से जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है। जिंदगी पर मौत का साया गहरा गया है। खासकर खेलने-कूदने वाले लोगों के लिए हाई रिस्क है। युवाओं के बीच अचानक मौत का यह दौर महामारी की तरह पसर रहा है। अब तो यह कहना मुनासिफ़ ही होगा कि कितनी ऐसी मौतों के बाद हम इस मेडिकल इमरजेंसी को स्वीकार करेंगे? फिलहाल लोग सावधानी बरतें और समय-समय पर अपने शरीर का चेकअप कराते रहें। खासकर हार्ट से जुड़ी जांच हर 6 महीने में कराएं।
ICMR ने कहा- अचानक मौत का वैक्सीन से संबंध नहीं
ऐसी अचानक मौतों को देखते हुए लोगों के बीच एक बहस और चर्चा कोरोना वैक्सीन को लेकर खूब चल रही थी। पिछले कुछ दिनों से ये अंदेशा जताया जा रहा था कि चलते-फिरते आ रहे हार्ट अटैक और उसकी वजह हो रही मौत का कोविड वैक्सीन से संबंध है। लोग यही मान रहे थे कि इसके पीछे कोरोना वैक्सीन ही वजह है। लेकिन हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने रिसर्च करते हुए एक रिपोर्ट जारी की और यह स्पष्ट किया कि अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है।
मसलन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इस गंभीर स्थिति को स्वीकार जरूर किया है लेकिन इसके निदान और असल कारण के तह तक जाना बाकी है। यानि अचानक मौतों को लेकर कोई बचाव उपाय निकालना चाहिए। क्योंकि देश में इन दिनों अचानक मौत को लेकर एक बेहद दर्दनाक और डरावनी स्थिति बनी हुई है। पिछले कुछ समय से ये सिलसिला लगातार तेजी से जारी है और एक के बाद एक अब तक कई लोग (अधिकतर युवा) इसी तरह मौत के मुंह में समा चुके हैं।
हार्ट अटैक आने पर कैसे दें CPR?
हार्ट अटैक की स्थिति हम में से किसी के साथ भी घटित हो सकती है। इसलिए अगर आपके सामने ऐसी कोई भी स्थिति आती है तो सबसे पहले मरीज़ को फ़र्श पर लिटा कर उसकी पल्स और धड़कन देखने की कोशिश करें। किसी एक व्यक्ति को फ़ौरन एंबुलेंस को कॉल करने को कहें। अगर नज़दीकी अस्पताल का नंबर है तो उसपर कॉल करें। अगर पल्स नहीं मिल रही तो तुरंत CPR शुरू करें। मरीज़ के आसपास भीड़ ना लगाएँ और CPR तब तक देते रहें जब तक मदद ना आ जाये या मरीज़ की पल्स ना मिलने लगे।
अगर आपको CPR देने की विधि मालूम नहीं है तो आप यहां जान लीजिये। CPR देने की क्रिया में आप मरीज के कन्धों के पास घुटनों के बल बैठ जाएं। इसके बाद अपनी एक हाथ की हथेली को मरीज की छाती के बीच में रखें. दूसरे हाथ की हथेली को पहले हाथ की हथेली के ऊपर रखें। अपनी कोहनी को सीधा रखें और कन्धों को मरीज के छाती के ऊपर सीधाई में रखें।
वहीं अपने ऊपर के शरीर के वजन का इस्तेमाल करते हुए मरीज की छाती को कम से कम 2 इंच (5 सेंटीमीटर) और ज़्यादा से ज़्यादा 2.5 इंच (6 सेंटीमीटर) तक दबाएं और छोड़ें। एक मिनट में 100 से 120 बार ऐसा करें। अगर आपको फिर भी सीपीआर देना नहीं आ रहा है, तो व्यक्ति के हिलने डुलने तक या मदद आने तक उसकी छाती दबाते रहें। शायद आपका कोई दवाब उसकी साँसों को दोबारा लाने में सफल हो जाये। उसका हार्ट काम करने लग जाये।