​पंजाब में धमाकों पर 'सियासी जंग': सीएम मान का भाजपा पर सीधा हमला; सुनील जाखड़ और बिट्टू का पलटवार

​पंजाब में धमाकों पर 'सियासी जंग': सीएम मान का भाजपा पर सीधा हमला; सुनील जाखड़ और बिट्टू का पलटवार

Punjab bombings spark political war: CM Mann launches direct

Punjab bombings spark political war: CM Mann launches direct

पंजाब में अमृतसर और जालंधर में मंगलवार रात हुए धमाकों पर अब सियासत भी गरमा गई है। 

सीएम भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब में कहा कि इन धमाकों की जांच चल रही है। यह पंजाब चुनावों के लिए भाजपा की तैयारी है। भाजपा लोगों के बीच हिंसा और डर फैलाकर वोट हासिल करती है। मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि वह ऐसा करना बंद करे। पंजाब के लोग हमेशा शांति चाहते हैं। बीजेपी को जहां भी चुनाव लड़ना होता है, वह वहां जाकर झगड़े करवाती है। मान पंजाब के गृह मंत्री भी हैं। 

भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया

वहीं भाजपा ने सीएम के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा की तरफ से सीएम को अपने आरोपों के सबूत देने के लिए कहा गया है। साथ ही भाजपा ने कहा कि अगर बिना सबूत सीएम मान ने ये बात कही है तो इस्तीफा दें।

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने भगवंत मान को चुनाैती देते हुए कहा कि यदि उनमें दम है तो वे भाजपा और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर दिखाएं।

भाजपा की तरफ से कहा गया कि लगता है कि भगवंत मान की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उनको इस्तीफा दे देना चाहिए और अपना सही इलाज करवाना चाहिए। पंजाब एक बॉर्डर वाला राज्य है और वे इसे मैनेज करने में पूरी तरह फेल हो गए हैं। भाजपा पर कीचड़ उछालकर जो गंदी पॉलिटिक्स कर रहे हैं, वह उनकी घटिया सोच का सबूत है।

पंजाब के लोग पिछले साढ़े 4 साल से गोलियों, धमाकों, हत्याओं और रोज़ाना होने वाली घटनाओं से परेशान हैं, जो आप की निकम्मी सरकार की देन है। भाजपा के लिए पंजाब की शांति और भाईचारा सबसे जरूरी और सबसे पहले है। भाजपा हमेशा पंजाब के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।

जाखड़ बोले-धमाकों से ज्यादा सीएम का बयान चिंताजनक

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि जालंधर और अमृतसर में हुए बम धमाके गंभीर चिंता का विषय हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंताजनक मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान है। जहां एक तरफ पंजाब के डीजीपी इन घटनाओं के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ होने की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री, राजनीति से प्रेरित होकर, गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। उनके बयानों से घबराहट और अपनी कुर्सी खोने का डर साफ झलकता है।

बेहतर होगा कि वे अपनी कुर्सी की चिंता करना छोड़ दें और इसके बजाय पुलिस को अपना असली काम करने दें, न कि उनका इस्तेमाल विधायकों पर नजर रखने के लिए करें। अगर विधायकों ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर ही लिया है, तो पुलिस की कितनी भी तैनाती उन्हें रोक नहीं पाएगी।