चंदेरिया में प्रस्तावित फर्टीलाइजर प्लांट की जनसुनवाई सम्पन्न

चंदेरिया में प्रस्तावित फर्टीलाइजर प्लांट की जनसुनवाई सम्पन्न

Public Hearing for the Proposed Fertilizer Plant

Public Hearing for the Proposed Fertilizer Plant

उच्च तकनीक के खाद संयंत्र से क्षेत्र को मिलेगी विकास की नई रफ्तार

ग्रामीणों ने रखीं अपेक्षाएं, कंपनी ने रोजगार, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया भरोसा

चित्तौड़गढ़ 10 मार्च। Public Hearing for the Proposed Fertilizer Plant: हिंदुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में प्रस्तावित अत्याधुनिक खाद संयंत्र को लेकर आयोजित जनसुनवाई में पर्यावरण संरक्षण, क्षेत्रीय विकास, रोजगार और किसान हित को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। करीब 2700 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाले इस संयंत्र से जहां खाद उत्पादन बढ़ेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर बनने की उम्मीद जताई गई। सगरा माता मेला परिसर में आयोजित जनसुनवाई का संचालन राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से किया गया। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामचंद्र खटीक, क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी तथा गंगरार उपखंड अधिकारी पुनित कुमार गेलरा ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के विचार दर्ज किए।

चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने बताया कि प्रस्तावित संयंत्र दो चरणों में स्थापित होगा, जिसकी कुल उत्पादन क्षमता 10 लाख टन प्रतिवर्ष रहेगी। इसमें डाई अमोनियम फॉस्फेट (DAP),एनपीके और अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट जैसे उर्वरकों का उत्पादन किया जाएगा। इससे राजस्थान सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध हो सकेगी और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना बनेगी। कंपनी के अनुसार संयंत्र में विश्वस्तरीय एचडीएच और पीएन प्लस तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे खाद के प्रत्येक दाने में पोषक तत्वों की समानता बनी रहेगी। धूल रहित और मजबूत दानों के कारण किसानों के लिए इसका उपयोग और भंडारण आसान होगा।

Public Hearing for the Proposed Fertilizer Plant

पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार, कौशल विकास पर फोकस

परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। संयंत्र में सुरक्षा और पर्यावरण मानकों के लिए करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही स्मेल्टर में उत्पादित सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग कच्चे माल के रूप में किया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। कंपनी के अनुसार संयंत्र के निर्माण और संचालन के दौरान लगभग 5000 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि रोजगार में 80 प्रतिशत तक स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाएगा, जिसमें महिलाओं को भी विशेष अवसर दिए जाएंगे।

जनसुनवाई में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय युवाओं को जिंक कौशल विकास केंद्र से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने, सीएसआर योजनाओं का दायरा बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देने की मांग रखी। कंपनी ने बताया कि कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, पशुधन सहायता और आधुनिक कृषि प्रशिक्षण जैसी योजनाओं के माध्यम से आसपास के गांवों में सामाजिक विकास के प्रयास जारी रहेंगे।

जन सुनवाईमें  में आजोलिया का खेड़ा सरपंच जगदीश जाट, सुभाष शर्मा, पुठोली प्रशासक महिपाल सिंह, उपसरपंच चंद्रभान सिंह, कंथारिया सरपंच कालूराम जाट, देवकिशन जाट, पूर्व सरपंच चोगावड़ी रवीन्द्र सिंह, परमेश्वर जाट, सतपुड़ा से राजू सिंह, रमेश जाट, ज्योति जोशी, प्रियंका जांगीड़, शीतल मेनारिया, गोटिया चुंडावत, मिठ्ठूलाल, श्यामलाल मेनारिया, हरीश बैरवा, नगरी से रिंकू मेघवाल, दुर्गेश तिवारी, नितेश जाट, हेमंतराज तेली सहित अन्य जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, युवा व महिलाएं उपस्थित रहे। इसके साथ ही हिन्दुस्तान जिंक की सीएसआर परियोजनाओं, सखी, समाधान, खुशी, शिक्षा संबल, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लाभार्थी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।