राजधानी क्षेत्र में हजारों एकड़ की मंदिरों भूमि की रक्षा करें : कल्लम संजीव रेड्डी
Protect Thousands of Acres of Temple Land
( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
तडेपल्ली : Protect Thousands of Acres of Temple Land: (आंध्र प्रदेश) इसी राजधानी क्षेत्र के ग्राम उंडावल्ली में श्री वेणु गोपाल स्वामी मंन्दिर तथा श्री भास्कर स्वामी मंन्दिर और श्री भीम लिंगेश्वर स्वामी मंन्दिरों की 24 एकड़ 48 सेंट ज़मीन है, जिस भूमि को मंदिर की दीपक धूप नैवेद्य नीचे चढ़ाने के लिए और उसे पर आश्रित पुरोहितों का व्यवस्था बनाने के लिए पूर्वजों ने दान दिया था उसे दान दिए गए लोगों के बिना सूचना केयह जमीन को सरकार हस्तांतरण कर उसमें कंक्रीट में बदलना चाहती हैउसके आवाज में बहुत कम पैसेदे रही है उसे जगह को लेकर अस्तित्वहीन भूमि कई किलोमीटर दूर देने की योजना बना रही है अब बनाया भी है इस तरह से राजधानी क्षेत्र में 4000 एकड़ से ज्यादा मंदिरों की भूमि को हस्तांतरण करने की योजना पर लोग काफी नाराज हैं और इसी वजह से राजधानी का समर्थन भी इस क्षेत्र में 90% लोग नहीं कर रहे हैं मात्र एक जाति वर्ग विशेष पार्टी के लोग इसका समर्थन दे रहे हैं बाकी अन्य कई राजनीतिक दल इसके विरोधी हैं एक्सप्रेस वार्ता में बताए गए अनुसार इसे मैं फसल आकार इन पर निर्भर किसान अपनी रोज़ी-रोटी के लिए CRDA अधिकारियों और गठबंधन सरकार के उन ज़मीनों और पुजारियों की सुरक्षा के बारे में लिए गए फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं, ऐसा MPTC के पूर्व सदस्य और मंदिर संरक्षण समिति के सदस्य कल्लम संजीव रेड्डी ने कहा। सोमवार को उंडावल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि तीनों मंदिरों से जुड़ी 24 एकड़ 48 सेंट ज़मीन का विकास मंदिरों के विकास के साथ-साथ उन पर निर्भर लोगों के लिए भी फ़ायदेमंद होगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि CRDA को करोड़ों रुपये की यह ज़मीन खरीदे हुए दस साल हो गए हैं और इसे चार किलोमीटर दूर मंदिरों को दिया जा रहा है। बंदोबस्ती अब तक गांववालों की मदद से इन मंदिरों को डेवलप कर रही है, और 20 लाख की इनकम बंदोबस्ती को पूर्वजों ने दी है। अगर ज़मीन बंदोबस्ती के कब्ज़े में रहती है और डेवलप होती है, तो सरकार को इनकम होगी। उन्होंने इसे कमर्शियल प्लॉट में बदलने और दुकानें बनाने के लिए कहा है। CRDA की लिमिट में 500 एकड़ ज़मीन न होते हुए भी, कुछ गैर-कानूनी लोगों ने डॉक्यूमेंट बनाकर CRDA से प्लॉट 2000 करोड़ रुपये में बेच दिए।
उन्होंने कहा कि इन गैर-कानूनी लोगों ने जो ज़मीन दी है, वह कृष्णा नदी में है।
उन्होंने खाई और तालाब वाली 300 एकड़ ज़मीन के नकली पेपर बनाकर CRDA से प्लॉट लेकर उन्हें बेच दिया।
CRDA बनने के बाद, इन 36 गांवों में कुछ गैर-कानूनी लोगों ने 10 ग्रुप बनाकर अपनी मर्ज़ी से गरीबों की ज़मीनों पर कब्ज़ा कर लिया। उन्होंने ACB, CID और रेवेन्यू SIT से अपील की कि उनके खिलाफ पूरी जांच की जाए और लैंड कार्विंग एक्ट के तहत केस दर्ज करके सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू, मंत्री नारा लोकेश और मंत्री नारायण ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करने और मंदिर की ज़मीन और गरीबों की ज़मीन की रक्षा करने को कहा। उंडावल्ली ग्रुप मंदिर की EO डी. प्रमिला, उंडावल्ली वेणुगोपालस्वामी के पुजारी श्रीनिवासाचार्युलु और कमेटी के सदस्यों और अन्य लोगों ने इस प्रोग्राम में हिस्सा लिया।